ब्रेकिंग न्यूज़

पनोरमा स्कूल और अस्पताल में संजीव मिश्रा ने किया झंडोत्तोलन, गणतंत्र दिवस पर शिक्षा-स्वास्थ्य और राष्ट्रनिर्माण का दिया संदेश मम्मी-पापा सॉरी मुझे किसी से.. सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने क्यों लगाया मौत को गले? फंदे से लटका मिला शव झंडोत्तोलन के दौरान एक टीचर ने 'मिस्टर जिन्ना अमर रहे' का लगवाया नारा, हेडमास्टर की शिकायत पर आरोपी गिरफ्तार Bihar Crime News: बिहार में दिल दहला देने वाली वारदात, घर में सो रही युवती पर बदमाशों ने किया एसिड अटैक Bihar Crime News: बिहार में दिल दहला देने वाली वारदात, घर में सो रही युवती पर बदमाशों ने किया एसिड अटैक मुजफ्फरपुर में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित ट्रक ने पिता-पुत्री को रौंदा, मौके पर ही दर्दनाक मौत Bihar News: हादसे की शिकार हुई तेज रफ्तार एम्बुलेंस, पिता का शव लेकर घर लौट रहा बेटा घायल Bihar News: हादसे की शिकार हुई तेज रफ्तार एम्बुलेंस, पिता का शव लेकर घर लौट रहा बेटा घायल Bihar Deputy Chief Minister : पटना में एक और डिग्री कॉलेज खोलने का ऐलान, सम्राट चौधरी ने दी त्वरित निर्माण की हिदायत Patna News: पटना में निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का आयोजन, दिव्यांगों को मिलेगी नई ज़िंदगी

इंजीनियरिंग के छात्र निकले साइबर क्रिमिनल, पुलिस ने तीन शातिरों को दबोचा; CSP संचालकों को लगा चुके हैं 30 लाख का चूना

इंजीनियरिंग के छात्र निकले साइबर क्रिमिनल, पुलिस ने तीन शातिरों को दबोचा; CSP संचालकों को लगा चुके हैं 30 लाख का चूना

25-Dec-2023 01:01 PM

By MANOJ KUMAR

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर पुलिस ने सीएसपी संचालकों को अबतक 30 लाख से अधिक का चूना लगा चुके तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार साइबर अपराधियों में दो एमआईटी के छात्र हैं। इंजीनियरिंग के दोनों छात्र साइबर फ्रॉड गिरोह में शामिल हो गए थे और एटीएम और सिम कार्ड से नया यूपीआई बनाकर सीएसपी संचालकों को निशाना बनाते थे और उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे।


दरअसल, मुजफ्फरपुर की साइबर थाने की पुलिस को लगातार साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिल रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद साइबर थाने की पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की तो घटना को अंजाम देने के तरीके को देख कर हैरान हो गई। पुलिस ने विशेष टीम बनाकर इन सभी अपराधियों के खिलाफ लगातार जांच शुरू कर दी। जिसके बाद पूरा मामला सामने आ गया।


साइबर गिरोह में शामिल तीन शातिर ने मिलकर आधार कार्ड पर लोकल पता बनाकर मुजफ्फरपुर में रहना शुरू कर दिया था। ये सभी एटीएम और सिम कार्ड की सहायता से नया यूपीआई कोड बनाकर अवैध पैसे से निकासी करने के लिए एटीएम जाते थे। एटीएम में ट्रांजैक्शन लिमिट होने के बाद जिले के विभिन्न सीएसपी संचालक से मिलकर बीमारी की समस्या बता कर उनसे पैसा की निकासी कर लेते थे। इन्होंने जिले के कई सीएसपी संचालक से लगभग 30 लख रुपए की राशि की अवैध निकासी कर ली। 


इस गिरोह के मास्टरमाइंड को पटना जाने वाली बस के कंडक्टर के माध्यम से पैसे भेज दिए जाते थे। जिसमें इन लोगों को एक लाख रुपए पर 5 हजार रुपए कमीशन मिलता था। गिरफ्तार आकाश कुमार और फैजान अली एमआईटी के चौथे सेमेस्टर के छात्र है। वहीं इनका एक अन्य साथी भी गिरफ्त में आया है जिसकी पहचान राजा कुमार के रूप में हुई है।


साइबर थाने के इंस्पेक्टर सह अपर थानेदार शमीम अख्तर ने बताया कि जिले के सीएसपी संचालक से साइबर फ्रॉड कर 30 लाख की अवैध निकासी कर लिया गया था, जिसकी सूचना पुलिस को मिली। सूचना का पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जिसमें बीच पुलिस को गुप्त सूचना की सीएसपी संचालकों से यह लोग पैसे की अवैध निकासी करते आ रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर इन तीनों लोगों को गिरफ्तार किया। वही अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।


MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर पुलिस ने सीएसपी संचालकों को अबतक 30 लाख से अधिक का चूना लगा चुके तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार साइबर अपराधियों में दो एमआईटी के छात्र हैं। इंजीनियरिंग के दोनों छात्र साइबर फ्रॉड गिरोह में शामिल हो गए थे और एटीएम और सिम कार्ड से नया यूपीआई बनाकर सीएसपी संचालकों को निशाना बनाते थे और उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे।


दरअसल, मुजफ्फरपुर की साइबर थाने की पुलिस को लगातार साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिल रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद साइबर थाने की पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की तो घटना को अंजाम देने के तरीके को देख कर हैरान हो गई। पुलिस ने विशेष टीम बनाकर इन सभी अपराधियों के खिलाफ लगातार जांच शुरू कर दी। जिसके बाद पूरा मामला सामने आ गया।


साइबर गिरोह में शामिल तीन शातिर ने मिलकर आधार कार्ड पर लोकल पता बनाकर मुजफ्फरपुर में रहना शुरू कर दिया था। ये सभी एटीएम और सिम कार्ड की सहायता से नया यूपीआई कोड बनाकर अवैध पैसे से निकासी करने के लिए एटीएम जाते थे। एटीएम में ट्रांजैक्शन लिमिट होने के बाद जिले के विभिन्न सीएसपी संचालक से मिलकर बीमारी की समस्या बता कर उनसे पैसा की निकासी कर लेते थे। इन्होंने जिले के कई सीएसपी संचालक से लगभग 30 लख रुपए की राशि की अवैध निकासी कर ली। 


इस गिरोह के मास्टरमाइंड को पटना जाने वाली बस के कंडक्टर के माध्यम से पैसे भेज दिए जाते थे। जिसमें इन लोगों को एक लाख रुपए पर 5 हजार रुपए कमीशन मिलता था। गिरफ्तार आकाश कुमार और फैजान अली एमआईटी के चौथे सेमेस्टर के छात्र है। वहीं इनका एक अन्य साथी भी गिरफ्त में आया है जिसकी पहचान राजा कुमार के रूप में हुई है।


साइबर थाने के इंस्पेक्टर सह अपर थानेदार शमीम अख्तर ने बताया कि जिले के सीएसपी संचालक से साइबर फ्रॉड कर 30 लाख की अवैध निकासी कर लिया गया था, जिसकी सूचना पुलिस को मिली। सूचना का पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जिसमें बीच पुलिस को गुप्त सूचना की सीएसपी संचालकों से यह लोग पैसे की अवैध निकासी करते आ रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर इन तीनों लोगों को गिरफ्तार किया। वही अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।