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25-Dec-2023 01:01 PM
By MANOJ KUMAR
MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर पुलिस ने सीएसपी संचालकों को अबतक 30 लाख से अधिक का चूना लगा चुके तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार साइबर अपराधियों में दो एमआईटी के छात्र हैं। इंजीनियरिंग के दोनों छात्र साइबर फ्रॉड गिरोह में शामिल हो गए थे और एटीएम और सिम कार्ड से नया यूपीआई बनाकर सीएसपी संचालकों को निशाना बनाते थे और उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे।
दरअसल, मुजफ्फरपुर की साइबर थाने की पुलिस को लगातार साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिल रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद साइबर थाने की पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की तो घटना को अंजाम देने के तरीके को देख कर हैरान हो गई। पुलिस ने विशेष टीम बनाकर इन सभी अपराधियों के खिलाफ लगातार जांच शुरू कर दी। जिसके बाद पूरा मामला सामने आ गया।
साइबर गिरोह में शामिल तीन शातिर ने मिलकर आधार कार्ड पर लोकल पता बनाकर मुजफ्फरपुर में रहना शुरू कर दिया था। ये सभी एटीएम और सिम कार्ड की सहायता से नया यूपीआई कोड बनाकर अवैध पैसे से निकासी करने के लिए एटीएम जाते थे। एटीएम में ट्रांजैक्शन लिमिट होने के बाद जिले के विभिन्न सीएसपी संचालक से मिलकर बीमारी की समस्या बता कर उनसे पैसा की निकासी कर लेते थे। इन्होंने जिले के कई सीएसपी संचालक से लगभग 30 लख रुपए की राशि की अवैध निकासी कर ली।
इस गिरोह के मास्टरमाइंड को पटना जाने वाली बस के कंडक्टर के माध्यम से पैसे भेज दिए जाते थे। जिसमें इन लोगों को एक लाख रुपए पर 5 हजार रुपए कमीशन मिलता था। गिरफ्तार आकाश कुमार और फैजान अली एमआईटी के चौथे सेमेस्टर के छात्र है। वहीं इनका एक अन्य साथी भी गिरफ्त में आया है जिसकी पहचान राजा कुमार के रूप में हुई है।
साइबर थाने के इंस्पेक्टर सह अपर थानेदार शमीम अख्तर ने बताया कि जिले के सीएसपी संचालक से साइबर फ्रॉड कर 30 लाख की अवैध निकासी कर लिया गया था, जिसकी सूचना पुलिस को मिली। सूचना का पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जिसमें बीच पुलिस को गुप्त सूचना की सीएसपी संचालकों से यह लोग पैसे की अवैध निकासी करते आ रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर इन तीनों लोगों को गिरफ्तार किया। वही अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।
MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर पुलिस ने सीएसपी संचालकों को अबतक 30 लाख से अधिक का चूना लगा चुके तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार साइबर अपराधियों में दो एमआईटी के छात्र हैं। इंजीनियरिंग के दोनों छात्र साइबर फ्रॉड गिरोह में शामिल हो गए थे और एटीएम और सिम कार्ड से नया यूपीआई बनाकर सीएसपी संचालकों को निशाना बनाते थे और उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे।
दरअसल, मुजफ्फरपुर की साइबर थाने की पुलिस को लगातार साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिल रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद साइबर थाने की पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की तो घटना को अंजाम देने के तरीके को देख कर हैरान हो गई। पुलिस ने विशेष टीम बनाकर इन सभी अपराधियों के खिलाफ लगातार जांच शुरू कर दी। जिसके बाद पूरा मामला सामने आ गया।
साइबर गिरोह में शामिल तीन शातिर ने मिलकर आधार कार्ड पर लोकल पता बनाकर मुजफ्फरपुर में रहना शुरू कर दिया था। ये सभी एटीएम और सिम कार्ड की सहायता से नया यूपीआई कोड बनाकर अवैध पैसे से निकासी करने के लिए एटीएम जाते थे। एटीएम में ट्रांजैक्शन लिमिट होने के बाद जिले के विभिन्न सीएसपी संचालक से मिलकर बीमारी की समस्या बता कर उनसे पैसा की निकासी कर लेते थे। इन्होंने जिले के कई सीएसपी संचालक से लगभग 30 लख रुपए की राशि की अवैध निकासी कर ली।
इस गिरोह के मास्टरमाइंड को पटना जाने वाली बस के कंडक्टर के माध्यम से पैसे भेज दिए जाते थे। जिसमें इन लोगों को एक लाख रुपए पर 5 हजार रुपए कमीशन मिलता था। गिरफ्तार आकाश कुमार और फैजान अली एमआईटी के चौथे सेमेस्टर के छात्र है। वहीं इनका एक अन्य साथी भी गिरफ्त में आया है जिसकी पहचान राजा कुमार के रूप में हुई है।
साइबर थाने के इंस्पेक्टर सह अपर थानेदार शमीम अख्तर ने बताया कि जिले के सीएसपी संचालक से साइबर फ्रॉड कर 30 लाख की अवैध निकासी कर लिया गया था, जिसकी सूचना पुलिस को मिली। सूचना का पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जिसमें बीच पुलिस को गुप्त सूचना की सीएसपी संचालकों से यह लोग पैसे की अवैध निकासी करते आ रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर इन तीनों लोगों को गिरफ्तार किया। वही अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।