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तेजस्वी जिस पिच पर खेलने उतरे हैं नीतीश उसके पुराने खिलाड़ी, आपदा के नाम पर लग गई लॉटरी

तेजस्वी जिस पिच पर खेलने उतरे हैं नीतीश उसके पुराने खिलाड़ी, आपदा के नाम पर लग गई लॉटरी

16-May-2020 06:16 PM

PATNA : लॉकडाउन के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में विधानसभा चुनाव वह किस पिच पर उतारकर खेलेंगे. तेजस्वी राजनीति में आने के पहले क्रिकेट में हाथ आजमा चुके हैं हालांकि उनका क्रिकेट करियर बहुत लंबा नहीं रहा. लेकिन इसके बावजूद लालू यादव के छोटे लाल को पहली पहचान क्रिकेट की दुनिया में ही मिली थी. अब तेजस्वी बिहार की राजनीति मैं विपक्ष का मुख्य चेहरा है. विपक्ष का कुनबा तेजस्वी को भावी मुख्यमंत्री के तौर पर देख रहा है लेकिन विधानसभा चुनाव के पहले आई कोरोना वायरस तेजस्वी के लिए सियासत की नई पिच तैयार कर दी है. तेजस्वी यादव बिहार में प्रवासी मजदूरों से लेकर उनके बीच आपदा राहत के मुद्दे पर सियासी बल्लेबाजी करने को तैयार है.




नीतीश हैं माहिर खिलाड़ी
मुकाबला क्रिकेट की पिच पर नहीं बल्कि सियासत के मैदान में है. सामने उनके पिता के साथ राजनीति की शुरुआत करने वाले नीतीश कुमार हैं. खुद तेजस्वी भी जानते हैं कि नीतीश कुमार से पार पाना आसान नहीं होगा. खासतौर पर तब जब मामला आपदा और उसके बीच राहत से जुड़ा हो. नीतीश कुमार उस पिच के माहिर खिलाड़ी हैं जिस पर तेजस्वी यादव बल्लेबाजी करने उतरे हैं. बिहार में बाढ़ समेत अन्य तरह की आपदा से नीतीश पिछले 15 सालों से निपटने रहे हैं. सियासी जानकार मानते हैं कि नीतीश कुमार ने आपदा को बिहार में एक वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है. बाढ़ से लेकर सूखा तक के हालात में जिस तरह आपदा राहत बांटी जाती रही है उसका फायदा कहीं न कहीं नीतीश कुमार को मिलता रहा है. अब ऐसे में कोरोना वायरस क्या नीतीश कुमार का यह फेवरेट फेल हो जाएगा. इसकी भविष्यवाणी करना बेहद कठिन है.


खजाना खोल रही सरकार
बिहार में कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों के बीच राहत बांटने की धीमी शुरुआत करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब धीरे-धीरे राज्य सरकार के खजाने का मुंह बड़ा कर दिया है.आपदा प्रभावितों को लगातार राहत पहुंचाई जा रही है. सरकार ने कई स्तरों पर लगातार राहत का दायरा बढ़ाया है. जानकार मानते हैं कि जैसे-जैसे चुनाव का वक्त करीब आएगा बिहार में सरकार की तरफ से लोगों के बीच राहत और बड़े पैमाने पर बांटी जाएगी. बिहार में यह साल चुनावी है लिहाजा आपदा प्रभावितों के साथ-साथ बाहर से आने वाले प्रवासियों और गरीब तबके के लोगों की लॉटरी लग सकती है. एक तरफ जहां तेजस्वी यादव आपदा राहत के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं वही नीतीश सरकार लगातार राहत की पोटली बड़ी कर चुनाव की तरफ नजर गड़ाए बैठी है. तेजस्वी यादव जिस पिच पर बल्लेबाजी कर बाउंड्री लगाने का प्रयास कर रहे हैं नीतीश कुमार उस पर गुगली फेंकने में माहिर माने जाते हैं अब देखना होगा कि सियासत के मैदान में बढ़त किस से मिलती है.