अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
18-Dec-2020 01:16 PM
DELHI : इस वक्त की ताजा खबर कांग्रेस के अंदर खाने से सामने आ रही है. कांग्रेस में 4 महीने पहले लेटर बम के जरिए बवाल मचाने वाले असंतुष्ट नेताओं से सोनिया गांधी मुलाकात करने वाली है. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को पार्टी के शीर्ष नेताओं की एक बैठक बुलाई है. बैठक में पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को भी बुलाया गया है, जिन्होंने 4 महीने पहले चिट्ठी लिखकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे.
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद समेत कई नेता लगातार कांग्रेस नेतृत्व के ऊपर सवाल खड़े करते रहे हैं. चिट्ठी कांड के बाद सीडब्ल्यूसी की बैठक में जमकर सियासी घमासान मचा था. कांग्रेस आलाकमान ने तब इस मामले को ज्यादा तूल देना बेहतर नहीं समझा था और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था.
माना जा रहा है कि शीर्ष नेताओं के साथ बैठक में सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर भी चर्चा करेंगीं. पार्टी में पहली बार राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव डिजिटल तरीके से कराए जाने की तैयारी है. हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी. पार्टी के अंदर यह चर्चा है कि कमलनाथ की सलाह पर ही सोनिया गांधी ने असंतुष्ट नेताओं से मिलने और उनकी नाराजगी दूर करने की पहल की है. कमलनाथ असंतुष्ट नेताओं और सोनिया गांधी के बीच एक सेतु का काम कर रहे हैं. कांग्रेस की नजर आगामी विधानसभा चुनाव पर हैं. देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और यहां पार्टी का वजूद बचाए रखना कांग्रेस आलाकमान के लिए एक बड़ी चुनौती है.