सीएम योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला मौलाना अरेस्ट, यूपी STF ने बिहार से दबोचा; जनसुराज पार्टी से है नाता सीएम योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला मौलाना अरेस्ट, यूपी STF ने बिहार से दबोचा; जनसुराज पार्टी से है नाता बिहार में गन्ना उद्योग को मिली नई रफ्तार, चीनी मिलों के पुनर्जीवन के लिए हुआ बड़ा समझौता; AI तकनीक से बदलेगी किसानों की तकदीर बिहार में गन्ना उद्योग को मिली नई रफ्तार, चीनी मिलों के पुनर्जीवन के लिए हुआ बड़ा समझौता; AI तकनीक से बदलेगी किसानों की तकदीर बिहार के पेंशनधारियों के लिए अंतिम मौका: आज किसी हाल में कर लें यह जरूरी काम, नहीं तो रूक जाएगा पैसा बिहार के पेंशनधारियों के लिए अंतिम मौका: आज किसी हाल में कर लें यह जरूरी काम, नहीं तो रूक जाएगा पैसा बिहार में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, श्रमिकों को अब मिलेंगे इतने पैसे; इस दिन से लागू होंगे नए दर बिहार में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, श्रमिकों को अब मिलेंगे इतने पैसे; इस दिन से लागू होंगे नए दर अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा
12-Jan-2021 01:16 PM
By ASMIT
PATNA : इस वक़्त की बड़ी खबर पटना से सामने आ रही है, जहां कांग्रेस कार्यालय में दो गुटों के बीच में जमकर मारपीट हुई है. देखते ही देखते बवाल इतना बढ़ गया कि पार्टी नेताओं के बीच कुर्सियां चलने लगी.
बता दें कि कांग्रेस के बिहार राज्य के नए प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री भक्त चरण दास पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे. तभी बोलने को लेकर कांग्रेस नेता आपस में ही भिड़ गए और मारपीट करने लगे. इस दौरान मीटिंग हॉल में माहौल काफी गर्म हो गया और एक दूसरे पर कुर्सियां फेंकने लगे. किसान मोर्चा के नेता राज कुमार सिंह ने कुर्सी फेंकना स्टार्ट किया और देखते ही देखते हंगामा होने लगा.
मीटिंग में हंगामा होने के बाद नए प्रभारी भक्त चरण दास ने खुद पार्टी नेताओं को समझाया लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा था. समझाने के बाद भी वो मानने को तैयार नहीं दिखे.
बता दें कि सोमवार को कांग्रेस के बिहार राज्य के नए प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री भक्त चरण दास के पटना ऑफिस पहुंचते ही कांग्रेस नेताओं ने कल भी भारी हंगामा किया था.
हम आपको बता दें कि सोमवार को पटना पहुंचते ही भक्त चरण दास ने कहा है कि कार्यकर्ताओं के अनुरूप और जनता की आवश्यकता के अनुसार संगठन बनेगा. उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि नेताओं, कार्यकर्ताओं और जिलों का दौरा करने के बाद यह निर्णय लिया जाएगा. बता दें कि कांग्रेस पार्टी में अंतर्कलह, गुटबाजी, प्रदेश के नेताओं की मनमानी और काम करने की इच्छाशक्ति की कमी ने बिहार में कांग्रेस को जमीन और कार्यकर्ता विहीन बना दिया है. 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की बड़ी हार ने यह परेशानी और बढ़ाई है. इन समस्याओं को दूर करने और पार्टी को बिहार में मजबूती देने के लिए अभी चंद रोज पहले ही कांग्रेस आलाकमान ने भक्त चरण दास को बिहार कांग्रेस की कमान सौंपी है. प्रभारी बनाए जाने के बाद भक्त चरण दास पहली बार बिहार आकर पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग कर रहे हैं. वे तीन दिन रहकर कांग्रेस की बदहाली के कारणों की पड़ताल करेंगे और आलाकमान को इसकी रिपार्ट देंगे.