अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
30-Nov-2020 08:57 PM
PATNA : बिहार विधानसभा चुनाव में मामूली अंतर से हारी आरजेडी ने अब उन कारणों का पता लगाने का फैसला लिया है जिसके कारण सत्ता हासिल नहीं हो सकी. पार्टी ने इसके लिए कमेटी बनायी है. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि विधानसभा चुनाव में जिसे पार्टी का टिकट देने लायक ही नहीं समझा गया उसे हार का कारण पता लगाने का जिम्मा सौंपा गया है.
हार पर आरजेडी की समीक्षा
आरजेडी सूत्रों के मुताबिक पार्टी ये पता लगायेगी कि बिहार के कुछ खास इलाकों में उसे सफलता हासिल क्यों नहीं हो पायी. आखिरकार क्यों सत्ता इतना पास आकर खिसक गयी. हार की कारणों का पता लगाने के लिए आरजेडी ने कमेटी बनायी है. इसका प्रमुख पूर्व मंत्री श्याम रजक को बनाया गया है. श्याम रजक और उनके साथ आरजेडी के दूसरे नेता ये पता लगायेंगे कि पार्टी किन कारणों से हारी.
जिसे टिकट नहीं दिया उसे जिम्मा दिया
दिलचस्प बात ये है कि आरजेडी ने हार का कारण ढूढने का जिम्मा श्याम रजक को सौंपा है. श्याम रजक जेडीयू के नेता हुआ करते थे. चुनाव से पहले उन्होंने मंत्री पद और विधायिकी छोड़ कर पाला बदल लिया था. लेकिन आरजेडी ने उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट ही नहीं दिया. जिस फुलवारीशरीफ सीट से श्याम रजक पिछले 25 सालों से विधायक चुने जा रहे थे, राजद ने उस सीट को माले को दे दिया. वहां माले के विधायक चुनाव जीत भी गये. टिकट तो नहीं मिला लेकिन श्याम रजक को हार का कारण पता लगाने का जिम्मा दिया गया है.
राजद सूत्रों ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव में शहरी क्षेत्रों में मिली हार की खास तौर पर समीक्षा की जायेगी. उधर आरजेडी दलित सीटों पर मिली पराजय की भी समीक्षा करेगा. हार की समीक्षा के लिए उन दलित उम्मीदवारों को बुलाया जाएगा जो इस बार चुनाव हार चुके हैं. उनसे पूछा जायेगा कि आखिरकार वे चुनाव क्यों हारे. उम्मीदवार के साथ साथ संबंधित जिलों के जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को भी इस समीक्षा में शामिल किया जायेगा.
वैसे पार्टी के सामने तीन मुख्य सवाल हैं. पहला सवाल ये है कि हार का मुख्य कारण क्या रहा. वहीं दूसरा सवाल ये कि राजद का परंपरागत वोटर छिटका या अब भी जुड़ा हुआ है और तीसरा सवाल ये होगा कि गैर परंपरागत वोटर राजद के प्रति आकर्षित क्यों नहीं हुए.
आरजेडी के एक नेता ने बताया कि पार्टी नेतृत्व मान कर चल रहा है कि नीतीश कुमार की सरकार बहुत ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है. ऐसे में पार्टी को हर समय चुनाव के लिए तैयार रहना होगा. हार के कारणों की समीक्षा इसलिए ही की जा रही है कि अगली बार कोई चूक नहीं हो.