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10-Jul-2020 06:33 AM
PATNA : नीतीश कुमार के रवैये पर लोक जनशक्ति पार्टी के नाराज होने के बाद बीजेपी के नेता भले ही विवाद सुलझा लेने का दावा कर रहे हों, हकीकत कुछ और ही है. कल शाम जब दिल्ली मे लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान बिहार के अपने प्रमुख नेताओं के साथ बैठे तो इरादे जता दिये. चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी के पास बिहार विधानसभा चुनाव में खोने के लिए कुछ नहीं है. बहुत बुरा हुआ तो भी स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर होगी.
चिराग के तल्ख तेवर
दरअसल गुरूवार की शाम दिल्ली में चिराग पासवान ने अपनी पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक बुलायी थी. संसदीय बोर्ड में लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख नेता शामिल हैं. चिराग पासवान लगभग तीन घंटे तक उनके साथ बैठे. बताया कि कैसे नीतीश कुमार ने लोक जनशक्ति पार्टी को स्टैंड लेने के लिए मजबूर कर दिया है. अब पार्टी को सारी स्थितियों का सामना करने को तैयार रहना चाहिये.
LJP के वरीय नेता ने बताया कि संसदीय बोर्ड की बैठक में चिराग पासवान ने एक-एक कर वो सारे कारण गिनायें जिसके कारण उन्हें स्टैंड लेना पड़ा. चिराग ने बताया कि गठबंधन की सरकार होने के बावजूद नीतीश कुमार ने ऐसे व्यवहार किया जैसे लोक जनशक्ति पार्टी का कोई अस्तित्व ही नहीं हो. उन्होंने जन समस्याओं पर एक दर्जन से ज्यादा पत्र बिहार के मुख्यमंत्री को लिखा लेकिन किसी का कोई नोटिस नहीं लिया गया. चिराग पासवान ने कहा कि उनके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करना आसान है लेकिन नीतीश कुमार से बात करना मुश्किल.
LJP के पास खोने के लिए कुछ नहीं है
पार्टी के एक नेता ने बताया कि चिराग पासवान ने अपने सहयोगियों के साथ बैठक में साफ मैसेज दे दिया कि वे किसी भी हद तक जाने को तैयार नहीं है. बैठक में उन्होंने कहा कि बिहार में अभी लोक जनशक्ति पार्टी के दो विधायक हैं. इससे ज्यादा बुरी स्थिति और कुछ नहीं हो सकती. पार्टी अगर अकेले भी चुनाव लडी तो इससे ज्यादा सीटें आयेंगी. 2005 के फरवरी के चुनाव का जिक्र करते हुए चिराग ने कहा कि उस वक्त भी पार्टी ने अकेले चुनाव लडा था तो 29 सीटें आयी थीं.
फिलहाल बीजेपी के फैसले का इंतजार
चिराग ने साफ कर दिया कि उनकी लड़ाई सीटों के बंटवारे की लड़ाई नहीं है. बीजेपी से अभी सीटों के बंटवारे पर कोई बातचीत नहीं हुई हैं. उन्होंने बीजेपी के नेताओं को बता दिया है कि बिहार में अगर गठबंधन चुनाव लडेगा तो एजेंडा भी गठबंधन का होना चाहिये. उसमें लोक जनशक्ति पार्टी के एजेंडे को शामिल किया जाना चाहिये. वे अभी बीजेपी के फैसले का इंतजार करेंगे. उसके बाद ही कोई फैसला लेंगे.
सभी 243 सीटों पर उम्मीदवारों की तलाश शुरू
आर-पार की लडाई पर आमदा चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के नेताओं को सभी 243 सीटों पर उम्मीदवारों की तलाश करने का टास्क दिया है. मतलब साफ है अगर बीजेपी-जेडीयू से समझौता नहीं हुआ तो अकेले चुनाव लड़ने को तैयार रहा जाये. LJP सूत्रों के मुताबिक चिराग के तेवर बता रहे थे कि पार्टी नये गठबंधन के लिए भी तैयार है.
क्या बिखर जायेगा NDA का कुनबा
LJP सूत्रों के मुताबिक चिराग पासवान झुकने के मूड में नहीं दिख रहे हैं. उनके पिता और केंद्र सरकार में मंत्री रामविलास पासवान ने गुरूवार के दिन में ही कह दिया था कि पार्टी चलाना चिराग पासवान का काम है और वे ही सारे फैसले लेंगे. ऐसे में ये उम्मीद करना कि भी बेमानी हो गया है कि रामविलास पासवान हस्तक्षेप कर चिराग पासवान के तेवर को शांत करेंगे. ऐसे में अब देखना ये होगा कि बीजेपी क्या करती है. फिलहाल इतना तो तय लग रहा है कि अगर बीजेपी ने नीतीश पर दबाव नहीं बनाया तो विधानसभा चुनाव में NDA का कुनबा बिखर सकता है.