ब्रेकिंग न्यूज़

सुपौल में LIC एजेंट ने लाइसेंसी गन से खुद को मारी गोली, इलाके में सनसनी प्रेमिका के साथ पार्क में बैठे प्रेमी को डायल 112 की टीम ने पकड़ा, महिला सिपाही पर 5 हजार रूपये मांगने का आरोप मुजफ्फरपुर बड़गांव झड़प मामले में पियर थानाध्यक्ष रजनीकांत सस्पेंड, एसएसपी की बड़ी कार्रवाई बेगूसराय में NH-31 पर भीषण हादसा, ई-रिक्शा को बचाने में मिनी बस पलटी, एक दर्जन लोग घायल मुजफ्फरपुर में जिला कृषि पदाधिकारी 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, विशेष निगरानी टीम की बड़ी कार्रवाई क्या सच में नीट छात्रा के भाई को उठा ले गई CBI? फर्स्ट बिहार के जरिए जानिए क्या है इसकी असली हकीकत; आखिर क्यों जहानाबाद पहुंची थी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम बिहटा में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज का कार्यक्रम, शिक्षाविद MM सिंह ने छात्रों को दिये सफलता के मंत्र EDUCAMY पटना से JEE MAINS का Bihar State Topper, पटना में रहकर IIT-JEE की तैयारी करने वाले छात्रों में TOP बड़ी जालिम है ये शराब: NDA विधायक ने विधानसभा में उठाई शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग, जेडीयू ने कहा-दिल्ली चले जाइये, वहां चालू है Bihar Road Project: सिलिगुड़ी-गोरखपुर सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज, फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू

छुआछूत के नाम पर दबंगों ने एक परिवार को गांव से भगाया, जमीन को लेकर हुआ था विवाद

छुआछूत के नाम पर दबंगों ने एक परिवार को गांव से भगाया, जमीन को लेकर हुआ था विवाद

14-Nov-2022 11:01 AM

By MUKESH

GOPALGANJ: बिहार के गोपालगंज से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दबंगों ने छुआछूत के नाम पर एक परिवार को गांव से भगा दिया। तब से ये परिवार इधर-उधर भटकने को मजबूर है। ये मामला गोपालगंज के गोपालपुर थाना क्षेत्र के विक्रमपुर गांव का है। यहां राजबली बासफोर सहित अन्य दर्जनों लोग बासफोर जाति के रहते हैं। ये सभी लोग बांस का सूप और अन्य सामान बनाकर अपनी आजीविका चलाते हैं। इसी व्यवसाय से लोग अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं।




इस समुदाय के लोगो का आरोप है कि गांव के ही कुछ दबंग लोगों के द्वारा पूरे परिवार को मारपीट कर गांव से भगा दिया गया है। मामला जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है। ऐसे में गांव के दबंगों ने इस महादलित परिवार को गांव से बाहर निकाल दिया। पीड़ित परिजनो का आरोप है कि सभी लोगों ने इसकी सूचना गोपालपुर थाना में दी, जहां गोपालपुर पुलिस के द्वारा उन्हें सुरक्षा देने को लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। इसके बाद इस पूरे परिवार के द्वारा गोपालगंज कचहरी परिसर में शरण लिया गया। ऐसे में सभी लोग अपने पूरे परिवार और छोटे बच्चों के साथ भूखे प्यासे इधर उधर दिन गुजार रहे हैं। 




पीड़ित परिवार का कहना है कि गोपालगंज जिला प्रशासन के द्वारा मदद मांगी गई है, लेकिन किसी तरह का कोई मदद नहीं मिल पा रही है। पीड़ित परिजनों ने पूर्व मंत्री जनक राम से मुलाकात की और उनसे मदद करने की गुहार लगाई। जनक राम ने उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।