अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
17-Dec-2022 04:27 PM
By VISHWAJIT ANAND
PATNA : बिहार कि राजनीति में इन दिनों छपरा में हुई जहरीली शराब से मौत के इर्द-गिर्द घूम रही है। विपक्ष के तमाम राजनीतिक दलों द्वारा इसको लेकर बिहार कि सरकार को कठघरे में उतारने की कोशिश कि जा रही है। इस मामले को लेकर सड़क से सदन तक हंगामा किया जा रहा है। इधर, इस पूरे मामले को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी के कोई भी नेता इस मसले पर कुछ भी बोलने को तेयार नहीं है। हालांकि, खुद सीएम इसको लेकर साफ़ तौर पर कह चुकें हैं कि, ' जो पिएगा वो मरेगा'। इसके बाद अब इस पुरे मामले को लेकर आज राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी और दलित सेना ने बिहार सरकार से शराबबंदी कानून वापस लेना की मांग की है।
दरअसल, छपरा में जहरीली शराब से मौत मामले को लेकर पार्टी ने आज पटना में महाधरना दिया, साथ ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करते हुए एक ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा है। जिसमें पार्टी प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज सहित पार्टी एवं दलित सेना के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेता शामिल रहे। इस दौरान पार्टी के तरफ से छपरा कांड में के परिजनों को मुआवजा देने कि मांग रखी है। इसके साथ ही बिहार राज्य की गिरती विधि-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़ा किया गया है।
इस पुरे मामले को लेकर राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद प्रिंस राज ने कहा कि, बिहार में दलित विरोधी सरकार कार्य कर रही है बिहार में जहरीली शराब से हो रही मौत मौत के बाद दलित विरोधी बयान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दे रहे हैं। राज्य सरकार से शराबबंदी कानून संभल नहीं रहा है, जिस वजह से ही शराबबंदी कानून को वापस लेना चाहिए। बिहार की सत्ता की बागडोर भी मुख्यमंत्री से नहीं संभाल रही है, इसलिए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।