बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज, इस बार EVM और फेशियल रिकग्निशन से होगी वोटिंग बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज, इस बार EVM और फेशियल रिकग्निशन से होगी वोटिंग बिहार में रफ्तार का कहर: मॉर्निंग वॉक के दौरान पुलिस अधिकारी की कार ने दंपति को रौंदा, दोनों की मौके पर हुई मौत पटना में JP गंगा पथ का विस्तार, सिर्फ आधे घंटे में दीघा से कोईलवर; जल्द बनकर तैयार होगी फोरलेन सड़क पटना में JP गंगा पथ का विस्तार, सिर्फ आधे घंटे में दीघा से कोईलवर; जल्द बनकर तैयार होगी फोरलेन सड़क केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया शुरू, कक्षा 1 और बालवाटिका में ऐसे कराएं अपने बच्चों का एडमिशन केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया शुरू, कक्षा 1 और बालवाटिका में ऐसे कराएं अपने बच्चों का एडमिशन बिहार के सरकारी स्कूलों में अप्रैल से कंप्यूटर की पढाई अनिवार्य, परीक्षाएं भी होंगी आयोजित; बच्चों को स्मार्ट बनाने की तैयारी बिहार के सरकारी स्कूलों में अप्रैल से कंप्यूटर की पढाई अनिवार्य, परीक्षाएं भी होंगी आयोजित; बच्चों को स्मार्ट बनाने की तैयारी चैती छठ को लेकर पटना में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, कई मार्गों पर डायवर्जन और प्रतिबंध लागू
01-Mar-2020 08:07 AM
PATNA : नीतीश सरकार की नाक के नीचे बुडको के अधिकारियों ने घोटाला कर लिया. घोटाला राजधानी पटना में बस सेक्टरों के निर्माण में किया गया है. साल 2013 में पटना के अंदर बस शहीदों का निर्माण कराया गया था. लेकिन नगर विकास एवं आवास विभाग में जितने बस शेल्टर हो के निर्माण की स्वीकृति दी. उससे ज्यादा का निर्माण करवाकर अधिकारियों ने घोटाला कर दिया.
नगर विकास एवं आवास विभाग में बस सही स्तर के लिए साडे 6 मीटर की लंबाई निर्धारित की थी. लेकिन उसे भी बढ़ाकर 9 मीटर कर दिया गया. विधायक ने 104 बस सेंटरों के निर्माण की मंजूरी दी लेकिन 208 बस सेट्रों के निर्माण के लिए निविदा प्रकाशित की गई और यह टेंडर ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड को दे दिया गया. इतना ही नहीं विभागीय मंजूरी के बिना बुडको कंपनी के साथ अगस्त 2014 में 13 करोड़ से ज्यादा का एग्रीमेंट भी कर लिया.
बिना स्वीकृति के बोर्ड को के अधिकारियों ने बस ट्रैक्टर के निर्माण का एग्रीमेंट कर सरकार को चूना लगाया. विभागीय सहमति के बगैर बुडको ने बस शेल्टर का काम पूरा भी करा लिया. जुलाई 2017 में जब यह मामला विभाग के संज्ञान में आया तो 5 सदस्यों की एक जांच टीम गठित की गई. इस जांच टीम ने बिना प्रशासनिक स्वीकृति के टेंडर करने के लिए बुडको के अधिकारियों को दोषी पाया है.अब विभाग ने बुडको के पांच अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए सहमति दी है. इन अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र गठित करते हुए कड़ी कार्यवाही की जाएगी. जिन अधिकारियों पर गाज गिरनी है उनमें बुडको के तत्कालीन एमडी और महाप्रबंधक तकनीकी को भी दोषी माना गया है.