तेजस्वी की हार पर मांझी ने कसा तंज, कहा..पैसा लेकर टिकट बेचिएगा तब विधायक मोबाइल ऑफ नहीं करेंगे तो क्या करेंगे मुजफ्फरपुर में किशोर को गोली मारने वाला जीतन राय गिरफ्तार, गोल्ड लूट कांड में भी था वांटेड नवादा में मेला देखने गये बच्चे को लगी गोली, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती वैशाली पहुंचे थाईलैंड के 300 बौद्ध भिक्षु, विश्व शांति के लिए की विशेष प्रार्थना बिहार राज्यसभा चुनाव: NDA की जीत पर रोहित कुमार ने जनता का जताया आभार, तेजस्वी यादव पर साधा निशाना बिहार में NDA ने सारी सीटें जीती: BJP कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल, जयश्री राम के लगे नारे राज्यसभा चुनाव के नतीजे आधिकारिक तौर पर जारी, नीतीश कुमार और नितिन नबीन को 44 विधायकों का मिला वोट उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की अपील का असर, करीब 300 राजस्व अधिकारी हड़ताल छोड़ काम पर लौटे नालंदा में 17 हजार रुपये घूस लेते शिक्षक गिरफ्तार, विजिलेंस की टीम ने रंगेहाथ दबोचा Bihar Crime News: फायरिंग मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, छह लोगों को किया गिरफ्तार; पिस्टल और गोलियां बरामद
16-Jun-2021 03:36 PM
PATNA : लोक जनशक्ति पार्टी में मौजूदा संकट के लिए चिराग पासवान ने नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि चिराग पासवान ने बीजेपी की भूमिका पर चुप्पी साध ली है. एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा है कि नीतीश कुमार की पार्टी के नेताओं ने जिस तरह एलजेपी को तोड़ने में दिलचस्पी दिखाई. उसके बाद इस बात को कहने में उन्हें कोई संदेह नहीं कि नीतीश कुमार एलजेपी को नुकसान पहुंचाने में दिलचस्पी रखते हैं.
यह पूछे जाने पर कि भारतीय जनता पार्टी की भूमिका को वह कैसे देखते हैं. चिराग पासवान ने कहा कि वह इस पर सीधे से तरीके से कुछ नहीं कर सकते. हालांकि जेडीयू नेताओं की भूमिका सामने देखने को मिली है. चिराग पासवान से जब यह पूछा गया कि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने खुद को राम का हनुमान बताते हुए बीजेपी को राम की तरह बताया था चिराग से जब यह पूछा गया कि क्या वह बीजेपी से मदद मांगेंगे. तो उन्होंने बस इतना कहा कि हनुमान को राम से अगर मदद मांगने पड़े तो फिर काहे का राम और काहे के हनुमान.
चिराग पासवान ने कहा कि उनका नीतीश कुमार से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है और नीतीश कुमार की नीतियों और सिद्धांतों का विरोध करते हैं. नीतीश कुमार जिस तरह सरकार चला रहे हैं. इस पर उनको ऐतराज है. चिराग ने कहा कि बिहार फर्स्ट और बिहारी फर्स्ट के एजेंडे को वह एनडीए में शामिल करवाना चाहते थे. लेकिन नीतीश कुमार ने उनकी एक नहीं सुनी. ऐसे में विधानसभा चुनाव लड़ने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचता था. वह अपनी पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों पर ही राजनीति करेंगे ना कि किसी दूसरे के.