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23-Jun-2023 05:38 PM
By First Bihar
PATNA: पटना में आज हुई विपक्षी पार्टियों की बैठक की हवा निकलनी शुरू हो गयी है. बैठक के ठीक बाद आम आदमी पार्टी ने कह दिया है कि वह भविष्य में कांग्रेस के साथ किसी बैठक में शामिल नहीं होगी. बैठक में शामिल होने आये अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान बीच में ही दिल्ली रवाना हो गये. उसके बाद आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर हमला बोला है. वैसे भी बैठक का नतीजा सिर्फ और सिर्फ इतना रहा कि आगे एक और मीटिंग होगी. आज की बैठक के बाद सारी पार्टियों ने वही बातें दुहरायीं, जो वे सब महीनों पहले से दुहरा रही थी.
कांग्रेस के साथ नहीं आम आदमी पार्टी
पटना की विपक्षी एकता की बैठक के बाद आम आदमी पार्टी ने आधिकारिक बयान जारी किया है. अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने कहा है कि वह दिल्ली को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी अध्यादेश के खिलाफ विपक्षी पार्टियों को एक कर रही है. क्योंकि केंद्र के काले अध्यादेश का उद्देश्य न केवल दिल्ली रकार के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनना है, बल्कि यह भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक सिद्धांतों के लिए भी एक महत्वपूर्ण खतरा है.
आम आदमी पार्टी ने कहा है कि पटना की बैठक में कुल 15 पार्टियां शामिल हुई , जिनमें से 12 का प्रतिनिधित्व राज्यसभा में है. कांग्रेस को छोड़कर, अन्य सभी 11 दलों, जिनका राज्यसभा में है प्रतिनिधित्व है, ने काले अध्यादेश के खिलाफ स्पष्ट रूप से अपना रुख व्यक्त किया और घोषणा की है कि वे राज्यसभा में इसका विरोध करेंगे. लेकिन कांग्रेस ने अभी तक केंद्र सरकार के दिल्ली को लेकर अध्यादेश पर अपना रुख क्लीयर नहीं किया है. बल्कि कांग्रेस की दिल्ली और पंजाब इकाइयों ने घोषणा की है कि पार्टी को इस मुद्दे पर मोदी सरकार का समर्थन करना चाहिए.
बैठक में चुप रही कांग्रेस
आम आदमी पार्टी ने कहा है कि आज पटना में समान विचारधारा वाली पार्टी की बैठक के दौरान कई दलों ने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह सार्वजनिक रूप से काले अध्यादेश की निंदा करें. लेकिन कांग्रेस ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. कांग्रेस की ये चुप्पी उसकी असली मंशा पर संदेह पैदा करती है. व्यक्तिगत चर्चाओं में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी अनौपचारिक या औपचारिक रूप से राज्यसभा में इस पर मतदान से दूर रह सकती है. इस मुद्दे पर कांग्रेस के मतदान से दूर रहने से भाजपा को अपने इरादे में काफी मदद मिलेगी.
गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेंगे
आम आदमी पार्टी ने कहा है कि उसके लिए अब ऐसे किसी भी गठबंधन का हिस्सा बनना मुश्किल है जिसमें कांग्रेस भी शामिल हो. जब तक कांग्रेस सार्वजनिक रूप से काले अध्यादेश की निंदा नहीं करती और घोषणा नहीं करती कि उसके सभी 31 राज्यसभा सांसद राज्यसभा में अध्यादेश का विरोध करेंगे, AAP के लिए समान विचारधारा वाले दलों की भविष्य की बैठकों में भाग लेना मुश्किल होगा जिसमें कांग्रेस भी शामिल होगी. अब समय आ गया है कि कांग्रेस तय करे कि वह दिल्ली की जनता के साथ खड़ी है या मोदी सरकार के साथ.