ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Accident : दर्दनाक हादसा! स्कूल बस-ट्रक की भिड़ंत में 2 शिक्षकों की मौत, बच्चों में मचा चीख-पुकार Bihar Board Result Date : काउंटडाउन शुरू! बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट बस कुछ कदम दूर,कितने टॉपर्स को बुलाया गया बोर्ड ऑफ‍िस? Bihar Road: अब तीन घंटे में तय होगी पटना से पूर्णिया की दूरी, जानें इस एक्सप्रेस वे का क्या है नया अपडेट Bihar crime : छठ घाट पर चली गोली! रिटायर्ड दारोगा के बेटे को मारी गोली, अफरा-तफरी में फरार हुआ शूटर बिहार में दर्दनाक सड़क हादसा: बर्थडे पार्टी से लौट रहे दंपति को अज्ञात वाहन ने रौंदा, बेटी गंभीर रूप से घायल Bihar News : बिहार में छुट्टी लेने का नया नियम लागू! अब इस पोर्टल से ही होगी अर्जी, बिना मंजूरी नहीं मानेगी छुट्टी Chaiti Chhath 2026 : चैती छठ के समापन पर मातम: पटना समेत कई जिलों में डूबने से मौतें, अर्घ्य के बीच हादसे मरीन ड्राइव पर तेज रफ्तार का कहर: बुलेट और जुगाड़ गाड़ी की भीषण टक्कर, चालक की दर्दनाक मौत आवाज़ उठाई तो बरसी लाठियां! बिहार के इस जिले में छेड़खानी के विरोध पर हिंसा, लोग सहमे Railway News : रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! राम नवमी से पहले सरकार का बड़ा फैसला; जानें फायदे

Home / news / Bihar News: शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग का जरूरी फरमान, स्कूल में बच्चों...

Bihar News: शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग का जरूरी फरमान, स्कूल में बच्चों को अब ऐसे पुकारा तो खैर नहीं

14-Nov-2024 04:18 PM

By FIRST BIHAR

PATNA: बिहार के सरकार स्कूलों में बच्चों को उनके रोल नंबर या सरनेम से बुलाने की परंपरा पर रोक लगेगी। शिक्षा विभाग ने इसको लेकर शिक्षकों के लिए जरूरी निर्देश जारी किया है। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक अब बच्चों को उनके नाम से ही बुलाएंगे। विभाग ने शिक्षक और छात्रों के बीच बेहतर संबंध बनाने को लेकर यह फैसला लिया है।


पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य बच्चों में आत्म-सम्मान को बढ़ावा देना है, ताकि वे कक्षा में खुले मन से भाग लें और अपने शिक्षकों से डरने की बजाय उन्हें सम्मान दें। इसके अलावा, शिक्षकों को अपनी कक्षाओं में पूरी तैयारी के साथ आने की सलाह दी गई है। 


शिक्षकों को पाठ्यक्रम से जुड़ी सभी किताबें और भी जरूरी सामान साथ लेकर स्कूल आना होगा। क्लास रूम में बच्चों को पढ़ाने के दौरान ब्लैकबोर्ड पर लिखी गई चीजें क्लियर दिखनी चाहिए, ताकि सभी बच्चे आसानी से समझ सकें। बच्चों की उपस्थिति भी तभी दी जाएगी जब वे कक्षा में समय पर पहुंचेंगे।


शिक्षा विभाग ने यह कदम क्लासरूम का माहौल बदलने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए उठाया है। विभाग के इस आदेश का उद्देश्य कक्षा में अनुशासन और अच्छे संबंधों को बढ़ावा देना है, स्कूल में शैक्षणिक वातावरण अच्छा हो सके। यदि कोई शिक्षक निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।