जमुई में नकाबपोश बदमाशों ने घर पर बमबाजी कर लूट की वारदात को दिया अंजाम, जमीन के दस्तावेज भी जलाए मधुबनी में भीषण सड़क हादसा: बेलगाम ट्रैक्टर की चपेट में आने से महिला की मौत, चालक फरार सीट लूटने के चक्कर में दो यात्रियों की मौत, गया जंक्शन पर दर्दनाक हादसा सहरसा में सिर कटी लाश का खुलासा: प्रेम-प्रसंग में युवती के भाई ने रची थी साजिश बिहार में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक, बिना लाइसेंस के नहीं लगेगी दुकान, नीतीश सरकार ने किये नियम सख्त JEE Mains Result 2026: जेईई मेन 2026 का रिजल्ट घोषित, बिहार के शुभम कुमार ने लहराया परचम, हासिल किये 100 परसेंटाइल बिक्रमगंज के रेड लाइट एरिया में पुलिस की रेड, 4 महिलाएं समेत 6 हिरासत में कर्पूरी ठाकुर की जयंती में राजद के दो गुट भिड़े, इसराइल मंसूरी और हैदर आजाद में तीखी नोकझोंक Bihar News: बिहार में दर्दनाक सड़क हादसे में मासूम बच्चे की मौत, गुस्साए लोगों ने सड़क पर किया भारी बवाल BIHAR CRIME NEWS: बिहार में प्रशासन लिखी स्कॉर्पियो से फायरिंग, पेशकार और पुलिस अधिकारी गिरफ्तार
16-Mar-2022 01:08 PM
PATNA : बिहार में अब मुखियों पर आफत आने वाली है. मुखिया-प्रमुख समेत सभी पदाधिकारियों की संपत्ति सार्वजनिक होगी. त्रि-स्तरीय ग्राम पंचयात के सभी पदधारकों को 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देंगे. इसको लेकर विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया है.
पंचायती राज विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया है. आपको बता दें पंचायतों के पदधारकों में मुखिया, उपमुखिया, प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आते हैं. विभाग का मानना है कि पंचायतों को विकास कार्य के लिए बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध करायी जाती है. फिर भी बहुत जगहों से ऐसी शिकायतें आती रहती हैं कि धनराशि का प्रयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए भी किया जाता है. इसलिए यह जरुरी है कि सरकारी सेवकों की तरह पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधि भी अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करें.
जानकारी के अनुसार, इन सभी की संपत्ति का डेटा जिले की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी. इसके लिए जिला पंचायत राज पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. 31 मार्च तक संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले से नोडल पदाधिकारी स्पष्टीकरण पूछेंगे. इसके बाद भी ब्योरा नहीं देने पर संबंधित प्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को प्रस्ताव जिले के माध्यम से भेजा जाएगा.