अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड
10-Jun-2022 07:04 AM
PATNA: बिहार सरकार किसानों के हित में लगातार कई कदम उठा रही है। एक बार फिर इन किसानों को गुड न्यूज मिला है। बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के प्रावधानों के तहत पूंजीगत अनुदान प्राप्त करने के लिए फल, सब्जियां और मक्का प्रसंस्करण की चार परियोजनाओं को हरी झंडी मिल गई है। दरअसल गुरुवार को बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति की परियोजना अनुश्रवण समिति की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें कई परियोजनाओं पर मुहर लगी है।
इन परियोजनाओं में केले के चिप्स, आलू के चिप्स, मक्का आधारित स्नैक्स और मसालों की प्रोसेसिंग होगी। जिन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, उनका करीब 21.33 करोड़ लागत है। इसमें बिहार सरकार 1.51 करोड़ रुपये की अनुदान राशि देगी। आपको बता दें कि राज्य में बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत एक महीने में ही दस परियोजनाओं पर मुहर लगी है। सभी योजनाओं की लागत लगभग 35.34 करोड़ है और करीब 2.91 करोड़ अनुदान राशि है। इन परियोजनाओं के लगने से कई जिलों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिसमें पटना, भोजपुर, बेगूसराय, पूर्वी चम्पारण और वैशाली जिला शामिल है।
कृषि सचिव से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक कृषि से जुड़े उद्यमियों ने चिह्नित सात सेक्टर में कुल 52 परियोजना का आवेदन किया है। इनमें मक्का प्रोसेसिंग की 25, बीज प्रसंकरण की आठ, मखाना आधारित पांच, फल एवं सब्जी आधारित नौ, मधु प्रसंस्करण की तीन और औषधीय और सुगंधित पौध और चाय प्रसंस्करण की एक-एक परियोजना शामिल हैं। अगर इन सभी परियोजनाओं को हरी झंडी मिली तो करीब सवा तीन करोड़ इंवेस्ट होगा। इससे सबसे ज्यादा फायदा रोजगार के क्षेत्र में होगा।
बैठक में उद्यान निदेशक नन्द किशोर, वित्त विभाग, उद्योग विभाग, नाबार्ड, एपीडा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के प्रतिनिधि और उद्यान निदेशालय के पदाधिकारी सहित तकनीकी सहायता समूह के सदस्य मौजूद रहे।