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06-May-2021 07:44 PM
PATNA : कोरोना के भीषण कहर के दौरान तीन-चार महीने से वेतन का इंतजार कर रहे बिहार के नियोजित शिक्षकों को उनकी सैलरी देने में भी सरकार ने भेदभाव कर दिया. सरकार ने गुरूवार को सूबे के 66 हजार 104 नियोजित शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया. शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र के मुताबिक नगर पंचायत, प्रखंड और पंचायत शिक्षकों के वेतन के लिए 862 करोड 36 लाख 26 हजार 693 रूपये विमुक्त कर दिये हैं. बिहार में कुल नियोजित शिक्षकों की संख्या 3 लाख 23 हजार है. यानि ढ़ाई लाख से ज्यादा नियोजित शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पायेगा. शिक्षा विभाग इसे लेकर कोई जवाब नहीं दे रहा है.
GOB मद की राशि जारी की गयी
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की ओऱ से जारी पत्र के मुताबिक बिहार के 66 हजार 104 शिक्षकों को बिहार सरकार यानि GOB मद मद से वेतन दिया जाता है. उनके वेतन के लिए पैसे जारी किये गये हैं. जबकि बिहार में कुल नियोजित शिक्षकों की तादाद 3 लाख 23 हजार है. सरकार ने बाकी बचे 2 लाख 56 हजार से ज्यादा नियोजित शिक्षकों और 15 हजार उत्क्रमित मध्य विधालयों में कार्यरत शिक्षकों का वेतन जारी नहीं किया है. इन शिक्षकों को सर्व शिक्षा अभियान यानि SSA मद से वेतन का भुगतान होता है.
सरकार पर शिक्षक संघ भड़का
उधर शिक्षकों के संघ ने बिहार सरकार से गहरी नाराजगी जतायी है. नियोजित शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने कहा है कि बिहार सरकार और शिक्षा विभाग को नियोजित शिक्षकों की चिंता ही नही है. उनका पिछले 4 महीने से वेतन औऱ 2 साल से एरियर बकाया है. बहुत गुहार लगाने और आंदोलन करने पर एक महीने का वेतन जारी किया गया वह भी अधूरा. कई ज़िलों को आवंटन प्राप्त ही नही हुआ तो कई को इतना कम राशि दी गई की भुगतान नही हो पा रहा.
शिक्षक संघ ने कहा है कि कोरोना में सैकड़ों शिक्षक अपनी जान गंवा बैठे हैं. हजारों शिक्षक कोरोना का शिकार बन बीमार हैं. फिर भी वे अपना कर्तव्य निभा रहे हैं. ऐसे शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जाना अन्याय है. पैसे के अभाव में बीमार शिक्षक अपना इलाज तक नहीं करा पा रहे हैं.
वहीं बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. संघ के अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा ने सीएम औऱ शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिख कर कोरोना महामारी औऱ ईद जैसे पर्व को देखते हुए SSA मद से वेतन पाने वाले शिक्षकों को तत्काल वेतन देने की मांग की है.