ब्रेकिंग न्यूज़

सुपौल में LIC एजेंट ने लाइसेंसी गन से खुद को मारी गोली, इलाके में सनसनी प्रेमिका के साथ पार्क में बैठे प्रेमी को डायल 112 की टीम ने पकड़ा, महिला सिपाही पर 5 हजार रूपये मांगने का आरोप मुजफ्फरपुर बड़गांव झड़प मामले में पियर थानाध्यक्ष रजनीकांत सस्पेंड, एसएसपी की बड़ी कार्रवाई बेगूसराय में NH-31 पर भीषण हादसा, ई-रिक्शा को बचाने में मिनी बस पलटी, एक दर्जन लोग घायल मुजफ्फरपुर में जिला कृषि पदाधिकारी 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, विशेष निगरानी टीम की बड़ी कार्रवाई क्या सच में नीट छात्रा के भाई को उठा ले गई CBI? फर्स्ट बिहार के जरिए जानिए क्या है इसकी असली हकीकत; आखिर क्यों जहानाबाद पहुंची थी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम बिहटा में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज का कार्यक्रम, शिक्षाविद MM सिंह ने छात्रों को दिये सफलता के मंत्र EDUCAMY पटना से JEE MAINS का Bihar State Topper, पटना में रहकर IIT-JEE की तैयारी करने वाले छात्रों में TOP बड़ी जालिम है ये शराब: NDA विधायक ने विधानसभा में उठाई शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग, जेडीयू ने कहा-दिल्ली चले जाइये, वहां चालू है Bihar Road Project: सिलिगुड़ी-गोरखपुर सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज, फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू

लॉकडाउन के दौरान दफ्तर से गायब रहने वाले सरकारी कर्मचारियों का नहीं कटेगा वेतन, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

लॉकडाउन के दौरान दफ्तर से गायब रहने वाले सरकारी कर्मचारियों का नहीं कटेगा वेतन, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

25-May-2021 07:46 PM

PATNA : कोरोना को लेकर बिहार में लगे लॉकडाउन के दौरान सरकारी कार्यालयों से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों औऱ अधिकारियों का वेतन नहीं काटा जायेगा. उन्हें मई महीने का पूरा वेतन दिया जायेगा. बिहार सरकार के वित्त विभाग ने ये आदेश जारी कर दिया है. सरकार का ये आदेश स्थायी कर्मचारियों के साथ साथ संविदा औऱ आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होगा. वित्त विभाग ने इस आदेश को सारे ट्रेजरी में भेज दिया है. 


पिछले साले के आदेश का दिया गया हवाला
दरअसल बिहार में पिछले साल कोरोना की पहली लहर के दौरान भी लॉकडाउन लगाया गया था. तब सरकार ने तय किया था कि लॉकडाउन में दफ्तर नहीं आने वाले कर्मचारियों का वेतन नहीं काटा जाये. सरकार ने कहा था कि लॉकडाउन के कारण सार्वजनिक यातायात के तमाम साधनों पर रोक लग गयी थी. इसके कारण ढेर सारे कर्मचारी ऐसे थे जिन्हें ऑफिस आने के लिए यातायात के साधन नहीं मिले. लिहाजा उनकी गैरहाजिरी के कारण वेतन नहीं काटा जाये.


सरकार ने इस साल भी उसी आदेश का हवाला देते हुए पत्र जारी किया है. यानि लॉकडाउन में कर्मचारियों की कार्यालय में उपस्थिति की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है. फिलहाल इसे सिर्फ मई महीने के लिए लागू किया गया है. इसका लाभ संविदा कर्मियों को भी मिलेगा.


पहले से गायब कर्मचारियों पर उनके प्रधान लेंगे निर्णय
हालांकि कुछ कर्मचारी ऐसे भी हैं जो लॉकडाउन के पहले से ही दफ्तर से गायब हैं. अगर लॉकडाउन के पहले वे बगैर सही मंजूरी के मुख्यालय छोड़ कर गये थे और लॉकडाउन के कारण वापस नहीं लौट पाये तो उनके वेतन पर फैसला उनके कार्यालय के प्रमुख लेंगे. वैसे सरकार ने संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को एक औऱ राहत दी है. अगर लॉक़डाउन में वे बिना बताये गैर हाजिर रहे तो इस आरोप में उन्हें सेवा से नहीं हटाया जायेगा.