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06-Oct-2022 07:42 PM
PATNA : अफ्रीकी देश गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत के मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के बाद बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार सरकार ने हरियाणा की मेडेन फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित चार दवाओं की बिक्री पर बेन लगा दिया है। WHO ने गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत का मुख्य कारण इन्हीं 4 दवाओं को माना है। स्टेट ड्रग कंट्रोलर रवींद्र कुमार सिन्हा ने इसकी जानकारी दी है।
ड्रग कंट्रोलर रवींद्र सिन्हा ने बताया है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को दवाओं के नमूने एकत्र करने और उन्हें जांच के लिए भेजने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल बिहार में इन चार दवाओं के सेवन से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। राज्य ड्रग कंट्रोलर रवींद्र सिन्हा की तरफ से जारी की गई सूचना में अधिकारियों को कहा गया है कि राज्य के मेडिकल स्टोर्स या क्लीनिकों में अगर इन चार सिरपों का स्टॉक मिलता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई कर मुख्यालय को इसकी सूचना उपलब्ध कराएं।
बता दें कि अफ्रीकी देश गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत और किडनी से जुड़ी समस्याएं सामने आने के बाद डब्लूएचओ ने भारत में बनीं 4 कफ सिरप के इस्तेमाल को लेकर अलर्ट जारी किया है। मामला सामने आने के बाद WHO ने इसका उपयोग नहीं करने की सलाह दी है। WHO ने भारत की मेडेन फार्मास्यूटिकल लिमिटेड की ओर से बनाए गई खांसी-जुकाम सिरप को लेकर अलर्ट जारी किया है।
वहीं WHO की तरफ से भारत में निर्मित 4 कफ सिरप के खिलाफ अलर्ट जारी करने के बाद केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानि CDSCO ने जांच के आदेश दे दिए। जानकारी के अनुसार Promethazine Oral Solution, KofexMalin Baby Cough Syrup, Makoff Baby Cough Syrup और Magrip N Cold Syrup ये चारों कफ सिरप हरियाणा में बनाया जाता है जिसे मेडेन फार्मास्यूटिकल बनाती है। WHO के तरफ से जारी अलर्ट को देखते हुए बिहार सरकार ने इन दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।