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बिहार में नीतीश के खिलाफ 'टूलकिट' साजिश ? ट्विटर पर #Bihar_Needs_Teachers से घंटे भर में 6.65 लाख ट्वीट

बिहार में नीतीश के खिलाफ 'टूलकिट' साजिश ? ट्विटर पर #Bihar_Needs_Teachers से घंटे भर में 6.65 लाख ट्वीट

24-May-2021 03:49 PM

PATNA : किसान आंदोलन के दौरान पहली बार भारत में चर्चा का विषय बना 'टूलकिट' इन दिनों बड़ी सुर्ख़ियों में है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस के ऊपर आरोप लगाया कि पीएम मोदी की छवि ख़राब करने के लिए कांग्रेस पार्टी टूलकिट को हथियार बना रही है. अब लोगों के बीच इसकी भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या प्रदेश की सरकारों के खिलाफ भी 'टूलकिट' का इस्तेमाल शुरू हो गया है. बिहार में सोमवार सुबह 11 बजे से ट्विटर पर #Bihar_Needs_Teachers ट्रेंड कराया जा रहा है. घंटे भर में 6 लाख से ज्यादा लोगों ने इस हैशटैग के साथ ट्वीट किया है. बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इसी हैशटैग के साथ बैक टू बैक ट्वीट हिंदी और इंग्लिश में ट्वीट किया है.


सुबह 11 बजे से ट्विटर ट्रेंड बना #Bihar_Needs_Teachers से कई ऐसे कंटेंट शेयर किये जा रहे हैं, जो एक ही जैसे हैं. हजारों ऐसी ट्वीट्स हैं, जिसमें एक ऐसी बातें लिखी गई हैं. एक ही जैसी कई तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है. कई ट्वीट्स ऐसे हैं, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर का उपयोग किया गया है. खास बात ये है कि इन तस्वीरों में या मीडिया कंटेंट में #Bihar_Needs_Teachers लिखकर वायरल किया जा रहा है. इसे ट्रेंड कराया जा रहा है.



ख़ास बात ये है कि ज्यादातर मीडिया कंटेट में 'युवा हल्ला बोल' की मौजूदगी देखि जा रही है. हजारों ट्वीट्स में 'युवा हल्ला बोल' द्वारा क्रिएट किये गए इमेज या कंटेंट ही #Bihar_Needs_Teachers के साथ ट्रेंड कराया जा रहा है. 'युवा हल्ला बोल' के एक इमेज कंटेंट में लिखा गया है कि "तीन लाख से ज्यादा पद है खाली, फिर भी क्यों नहीं हो रही बहाली?' दूसरे इमेज में लिखा गया है कि 'देश का युवा भरे हुंकार, कहां गया मेरा रोजगार ?' एक अन्य तस्वीर में लिखा गया है कि '94000 शिक्षकों को बहाना नहीं बहाली चाहिए.' ऐसे कई इमेज कंटेंट हैं और ज्यादातर पर ये बात लिखी हुई है कि '24 मई 11 बजे से' 



आपको बता दें कि ट्विटर और टेलीग्राम पर 'युवा हल्ला बोल' का आधिकारिक अकाउंट है. इसका खुद का yuvahallabol.in नाम से एक वेबसाइट भी है. ट्विटर पर इसे 22 हजार 600 से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं. जबकि इस अकॉउंट से सिर्फ एक ही इंसान को फॉलो किया गया है और हैं आरजेडी के राज्यसभा सांसद और राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज कुमार झा. ट्विटर ने 'युवा हल्ला बोल' के अकाउंट को वेरिफ़िएड भी किया है. इसके बायो में लिखा गया है "Youth Movement for पढ़ाई-कमाई-दवाई | बेरोज़गारी के खिलाफ देश की सबसे बड़ी आवाज़ |"



टेलीग्राम पर 'युवा हल्ला बोल' नाम से इनका एक आधिकारिक चैनल भी है, जिसमें अब तक 600 से ज्यादा सदस्य शामिल हैं. इस टेलीग्राम ग्रुप/चैनल में ज्यादातर इसी बात की चर्चा है कि किस तारीख को क्या ट्रेंड कराना है. कैसे ट्रेंड कराना है. कितने बजे ट्रेंड कराना है. जैसे कि '10 मई को आज शाम 7 बजे भारत में #ऑक्सीजन_चाहिए_महल_नहीं'



इस ग्रुप में हिमांशु विरोधी नाम से ट्विटर चलाने वाले एक शख्स ने अपना लिंक भी डाला है, जो #Bihar_Needs_Teachers जुड़ा है. इस ट्वीट में लिखा गया है कि हम जानते हैं कि तुम पावर में हो तुम्हारे खरीदे गए जोहरी हमें हीरा नहीं पत्थर कहेंगे मगर सुन लो फिर भी हम चमक कर रहेंगे Justice delayed is justice denied.. Appoint teachers in Bihar NOW !!  #Bihar_Needs_Teachers."



ये तमाम चीजें 'टूलकिट' की ओर इशारा कर रही हैं. क्योंकि टूलकिट का मतलब हो होता है कि उन तमाम जानकारियों का संग्रह होना है जिससे किसी मुद्दे को समझने और उसके प्रचार-प्रसार में मदद मिलती है. दरअसल टूलकिट किसी भी थ्योरी को प्रैक्टिकल में बदलने वाला दस्तावेज होता है, जो आम तौर पर किसी खास मुद्दे और खास दर्शक/समर्थक वर्ग के लिए तैयार किया जाता है. टूलकिट जितना डीटेल्ड और परिपूर्ण होगा, लोगों के लिए उतना ही उपयोगी साबित होगा.



गौरतलब हो कि टूलकिट मूल रूप से यह किसी भी आंदोलन को ऑनलाइन या ऑफलाइन चलाने की प्लानिंग भर होती है. जब इंटरनेट और मोबाइलों का जमाना नहीं था, तब आंदोलन में हिस्सा लेने वाले डायरी में प्लानिंग लिख लिया करते थे. लेकिन जब दुनिया आधुनिक हो गई है तो इसे इंटरनेट पर डॉक्युमेंट की तरह यूज किया जा रहा है. मोटे तौर पर कहें तो टूलकिट एक ऐसा डिजिटल हथियार है, जिसका इस्तेमाल सोशल मीडिया पर किसी आंदोलन को प्रचलित करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को उसमें जोड़ने के लिए किया जाता है.



ट्विटर पर सोमवार सुबह 11 बजे से शुरू हुए #Bihar_Needs_Teachers में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 1 बजकर 43 मिनट पर जुड़े और उन्होंने अंग्रेजी में पहला ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि "Bihar has a huge backlog of teachers right from primary to secondary level. Nitish govt has ruined the education system & has always humiliated them. I stand in solidarity with the teacher’s fraternity & demand immediate completion of recruitment process. #Bihar_Needs_Teachers."



तेजस्वी ने 2 ही मिनट बाद 1 बजाकर 45 मिनट पर फिर हिंदी में ट्वीट किया और लिखा कि "नियोजन प्रक्रिया की सारी अहर्ताएँ और प्रक्रियाएँ पूरी करने के बावजूद पिछले दो वर्षों से नीतीश सरकार ने नियुक्ति पत्र प्रतिभावान शिक्षकों को नहीं दिया है। नीतीश जी को आख़िर बिहार के नौजवानों को बेरोज़गार और बंधुवा मज़दूर ही क्यों बनाना चाहते हैं? #Bihar_Needs_Teachers."



हिंदी में इस ट्वीट के साथ तेजस्वी यादव ने 2 मिनट बाद एक और ट्वीट किया और लिखा कि "शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को येन केन प्रकारेण टालना नीतीश जी की द्वेषपूर्ण मानसिकता को उजागर करता है। हमने अपने प्रण-पत्र में संविदा प्रथा ख़त्म कर समान काम-समान वेतन देने का संकल्प लिया था और साथ ही सभी रिक्त पदों को पहली कलम से भरने का संकल्प लिया था।#Bihar_Needs_Teachers."