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02-May-2021 10:25 PM
By Tahsin Ali
KATIHAR : बिहार में कोरोना से स्थिति बदतर हो गई है. सरकार के तमाम दावे फेल साबित हो रहे हैं. ताजा मामला बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के विधानसभा क्षेत्र कटिहार का है, जहां सदर अस्पताल में कोरोना से मरने वाले एक व्यक्ति की लाश एम्बुलेंस में 3 दिन तक पड़ी रही. लेकिन किसी ने शव का अंतिम संस्कार नहीं कराया. यह मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. खुद डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने जांच की कही है.
उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के गृह जिले से ऐसी घटना सामने आने के बाद सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़ा हो रहा है. बताया जा रहा है कि कटिहार के सदर अस्पताल में एक कोरोना मरीज की मौत हो गई. मौत के बाद उसकी डेड बॉडी को एम्बुलेंस में लादा गया. एम्बुलेंस का दरवाजा खुला रहा और लाश उसी में पड़ी रही. तीन दिन तक लाश को वहां से नहीं ले जाया गया. इतने दिन तक कोरोना मृतक की लाश पड़ी रहने से सड़कर उसमें से से बदबू आने लगी.

इस घटना को लेकर एम्बुलेंस के ड्राइवर ने कहा कि तीन दिन पहले ही शव अस्पताल से लोड किया था. लेकिन अस्पताल प्रशासन लादे हुए हुए शव को लोडिंग कराकर छोड़ दिया. वहीं दूसरी ओर सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक ने कहा कि "ये एसीएमओ की जिम्मेवारी थी. जिसे उन्हें पूरा करना था. मुझे जो सूचना मिली है, उसके तहत ये ज़िम्मेदारी नगर निगम को दी गयी थी. नगर निगम के द्वारा दाहसंस्कार होना था. दाहसंस्कार में जो खर्चे होंगे उस खर्च के प्रबंधन मे दिक्कत आगयी है. दाहसंस्कार में जो लकड़ी आएगी, वो किसके पॉकेट से आएगा. यह तय नही हो सका है. जिस वजह से ये दिक्कत आयी है. एसीएमओ ही इसके जिम्मेदार है. मैंने कल ही नगर निगम को सूचना दे दिया था."

जब इस घटना को लेकर कटिहार के डीएम उदयन मिश्रा ने कहा कि "संक्रमित बॉडी के डिस्पोजल के लिए गठित टीम भी संक्रमित है. लेकिन ये ऐसा कार्य है कि इसे करने के लिए कोई जल्दी सामने नही आ रहा है. हमने रेडक्रॉस-एनजीओ या फिर नगर निगम के माध्यम से बॉडी डिस्पोजल का निर्देश दिया है." कटिहार पहुंचे बिहार के डिप्टी सीएम और कटिहार के हीं विधायक तारकिशोर प्रसाद ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच का भरोसा दिया. जब पत्रकारों ने उपमुख्यमंत्री से सवाल किया कि कोरोना जांच की किट खत्म हो गई है. इसपर डिप्टी सीएम सवाल को नजरअंदाज कर चलते बने.
