BIHAR POLICE : थानेदार का फायरिंग का पुराना रिकॉर्ड, मुजफ्फरपुर के तीन थाना क्षेत्रों में कर चुका है फायरिंग; गायघाट गोलीकांड के बाद विवादों में SHO अजब प्रेम की गजब कहानी: जिगरी दोस्त की पत्नी पर आया युवक का दिल, पति ने करा दी शादी BIHAR NEWS : अचानक ब्रेक से ट्रकों की टक्कर, खलासी की मौत, चालक गंभीर Bihar Crime: चाय पी रहे युवक की पीट-पीटकर हत्या: बहन की शादी में शामिल होने आया था घर, परिजनों ने सड़क किया जाम Bihar News : सम्राट मॉडल कहने पर भड़का JDU, BJP को मिला करारा जवाब - तब तो कहिएगा की मदन सहनी मॉडल? बिहार में एक ही मॉडल वो है.... जमीन विवाद में भाइयों के बीच खूनी संघर्ष: एक की मौत, दो गंभीर रूप से घायल, आरोपी फरार Bihar News : जेल से निकलने को तैयार अनंत सिंह, बस एक कागज़ ने रोक दी रिहाई! जानिए कब बाहर आएंगे बाहुबली नेता और क्या है स्वागत की तैयारी Bihar News: नीतीश नहीं सम्राट मॉडल ! BJP की हुंकार-अगले तीन महीने में खत्म कर देंगे अपराध BIHAR NEWS : खाकी पर सवाल ! मुजफ्फरपुर कांड में SHO समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, CID करेगी जांच Bihar News : तस्करों पर नहीं, एक-दूसरे पर टूट पड़ी खाकी! तस्करों के बजाय आपस में ही उलझ गई पुलिस, मद्य निषेध विभाग का सिपाही लहूलुहान
27-Feb-2020 07:11 PM
PATNA : बिहार के 2.5 लाख रिटायर्ड कर्मियों के लिए खुशखबरी है। जल्दी ही उन्हें सातवें वेतन का लाभ मिलने जा रहा है। सरकार 31 मार्च तक रीविजन पूरा करने जा रही है। ये वो रिटायर्ड कर्मी है जो 2016 के पहले रिटायर्ड हुए हैं और उन्हें अभी तक सातवा वेतन के आधार पर पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है।
डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने विधान परिषद में बताया कि साल 2016 के पहले रिटायर कर्मियों के पेंशन का रीविजन 31 मार्च तक हो जाएगा। ऐसे कर्मियों की संख्या दो लाख 53 हजार है। इन कर्मियों में लगभग दो लाख 20 हजार का पेंशन रीविजन हो चुका है। शेष कर्मियों का रीविजन भी 31 मार्च तक हो जाएगा। वे प्रो. नवल किशोर यादव, रामचन्द्र पूर्वे और कृष्ण कुमार सिंह के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब दे रहे थे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य के तीन लाख 64 हजार पेंशनभोगियों को सातवें वेतन के आधार पर औपबंधिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। इसके लिए मूल पेंशन की राशि को 2.57 से गुणा कर पेंशन की राशि बैंकों द्वारा दी जा रही है। डिप्टी सीएम ने बताया कि एक जानवरी 2016 के पहले रिटायर कर्मियों के पेशन रीविजन का काम संबंधित बैंकों को करना था। लेकिन बैंकों ने इस काम में रूचि नहीं ली। बाद में यह काम महालेखाकार को दे दिया गया। महालेखाकार में भी डाटा इंट्री ऑपरेटर की कमी थी। वहां से मांगने पर सरकार ने इस काम के लिए आठ डाटा इंट्री अपरेटरों को वहां प्रतिनियुक्त कर दी है। लिहाजा पेंशन रीविजन के काम में तेजी आ गई है। इस वित्तीय वर्ष के समाप्त होने के पहले यह काम पूरा हो जाएगा।