मुजफ्फरपुर में ईद पर विरोध प्रदर्शन, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जताया विरोध बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, बिहार दिवस पर बिहारी वोटर्स को लुभाने की कोशिश मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच
23-Aug-2022 03:51 PM
KATIHAR : बिहार में काली कमाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ निगरानी समेत अन्य एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं, बावजूद इसके घूसखोर अधिकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।ताजा मामला कटिहार से सामने आया है, जहां इंज्यूरी रिपोर्ट बनाने के एवज में पांच हजार रुपए घूस ले रहे चिकित्सा पदाधिकारी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला जिले के कोढ़ा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है।
दरअसल, कोढ़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकरी अजय कुमार सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियों में चिकित्सा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह इंज्यूरी रिपोर्ट बनाने के नाम पर पांच हजार रुपये रिश्वत लेते नजर आ रहे हैं। इस वायरल वीडियों में एक शख्स चिकित्सा पदाधिकारी को पर्स से रुपए निकालकर दे रहा है और चिकित्सा पदाधिकारी पैसे लेकर जेब में रखते दिख रहे हैं। हालांकि फर्स्ट बिहार इस वायरल वीडियो के सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
घूसखोरी का वीडियो सामने आने के बाद चिकित्सा पदाधिकारी ने अपनी सफाई दी है। चिकित्सा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह ने कहा है कि वीडियो उनकी निजी क्लीनिक का है। जहां मरीज का इलाज करने के बाद फीस के तौर पर पैसे दिए गए। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताय है। वहीं पैसा देने वाले युवक दिलखुश कुमार ने बताया कि घरेलू विवाद में मारपीट की घटना हुई थी। दिलखुश घायल पिता को इलाज कराने के लिए कोढ़ा पीएचसी पहुंचा था। जिसके बाद चिकित्सा पदाधिकारी ने अपने निजी क्लीनिक पर बुलाकर इंज्यूरी रिपोर्ट के एवज में पांच हजार रुपए ले लिए थे।