Ghooskhor Pandit controversy: “घूसखोर पंडत” मूवी का टाइटल बदलेगी नेटफ्लिक्स, विवाद के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में मेकर्स ने दी जानकारी Ghooskhor Pandit controversy: “घूसखोर पंडत” मूवी का टाइटल बदलेगी नेटफ्लिक्स, विवाद के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में मेकर्स ने दी जानकारी UTS on Mobile shutdown: इस दिन से बंद हो जाएगा जनरल टिकट वाला UTS एप, रेलवे ने यात्रियों को दिया यह सुझाव UTS on Mobile shutdown: इस दिन से बंद हो जाएगा जनरल टिकट वाला UTS एप, रेलवे ने यात्रियों को दिया यह सुझाव Career News: अगर आपका भी विदेश में पढ़ाई और नौकरी पाने का सपना है, तो लग सकती है ठोकर; जानिए क्या है इसके पीछे की वजह BPSC TRE-4 : इस महीने जारी होगा TRE-4 का नोटिफिकेशन, इस बार नए नियमों के साथ हो सकती है परीक्षा; इन लोगों को मिल सकता है बड़ा फायदा Bihar News: बिहार में बुलडोजर एक्शन को लेकर भारी बवाल, ग्रामीणों के बीच झड़प; पुलिस ने संभाला मोर्चा बिहार विधान परिषद में उठा मुखिया-सरपंच को हथियारों का लाइसेंस देने का मामला, गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने दिया जवाब बिहार विधान परिषद में उठा मुखिया-सरपंच को हथियारों का लाइसेंस देने का मामला, गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने दिया जवाब BIHAR NEWS : 16 साल पुराने मामले में पूर्व विधायक अमन पासवान और जदयू नेता हीरालाल गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरी खबर
27-Jun-2022 12:02 PM
KAIMUR: कैमूर जिला प्रसाशन ने अतिक्रमण कर बनाए मकानों पर बड़ी कार्रवाई की है. प्रसाशन ने नुआंव प्रखंड के दरौली पोखरा पर बनाए 74 मकानों को घ्वस्त कर दिया. स्थानीय लोगों ने इसका काफी विरोध किया. वहीं घर तोड़े जाने पर कई परिवार के आंखों से आंसू निकल आए. भभुआ के पूर्व विधायक रामचंद्र यादव ने प्रसाशन के कार्रवाई का विरोध किया. जिसपर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
बताजा या रहा है कि जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई. अंचलाधिकारी ने बताया कि कुल 74 मकानों को तोड़ने का नोटिस भेजा गया था. यह सभी मकान पोखरे के पिंड पर बना हुआ है. सभी लोगों की जांच कराई गई. कई लोगों के पास जमीन था. लेकिन कुछ लोग ऐसे थे जिनकी अपनी जमीन नहीं थी. वैसे लोगों को चिह्नित अतिक्रमण कर बनाए गये मकानों पर कार्रवाई की गई है. इन लोगों को सरकार से मिलने वाली भूमि उन्हें आवंटित की जाएगी.
वहीं, प्रसाशन की ओर से 74 मकानों को तोड़ने पर पूर्व विधायक रामचंद्र यादव इसका विरोध किया. उन्होंने प्रशासन से गुजारिश किया कि लोगों को एक हफ्ते का समय दिया जाए. लोगों को रहने के लिए ठिकाना खोजने का मौका दिया जाये. प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी और उन्हें हिरासत में लेकर रामगढ़ थाने चली आई.
मकान टूटने के बाद कई परिवार रोते-बिलखते नजर आए. इनसे बारिश के इस मौसम में सिर से छत छीन ली गई है. स्थानीय लोगों ने बताया कि 100 सालों से भी ज्यादा समय से मकान बनाकर उन लोगों के परिवार रह रहे थे. कई लोगों ने बैंक से लोन लेकर मकान बनवाया था. इसके अलावा कई लोगों का उस घर के अलावा अन्य जगहों पर जमीन नहीं है. ऐसे में इन लोगों के सामने बहुत बड़ी समस्या कड़ी हो गई है.