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बेतिया में बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल की भारी फजीहत: जहरीली शराब से मरे लोगों के परिजनों को 5-5 हजार रूपये देने गये थे, ग्रामीणों ने खदेड़ा

08-Nov-2021 06:18 PM

By ALOK KUMAR

BETTIAH: अपने संसदीय क्षेत्र में जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत के बाद मातमपुर्सी करने गये बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल को आज भारी फजीहत का सामना करना पड़ा. संजय जायसवाल जहरीली शराब से मरे लोगों के परिजनों को एक बंद लिफाफा दे रहे थे. लोगों ने लिफाफा खोलकर देखा औऱ फिर उसके बाद बवाल मच गया. आक्रोशित लोगों ने संजय जायसवाल समेत उनके साथ गये बीजेपी के नेताओं को खदेड़ दिया. 


दरअसल पश्चिम चंपारण जिले के नौतन दक्षिण तेल्हुआ पंचायत में 5 दिन पहले जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत हो गयी है. ये इलाका संजय जायसवाल के संसदीय क्षेत्र में पडता है. जायसवाल आज अपने अमले के साथ गांव में पहुंचे औऱ मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. इसी दौरान उनके साथ आय़े बीजेपी नेता मरने वाले लोगों के परिजनों को एक लिफाफा भी सौंप रहे थे.


बंद लिफाफा खोलते ही हंगामा

संजय जायसवाल के साथ चल रहे लोग पीडित परिवारों को जो बंद लिफाफा सौंप रहे थे उसे उनके सामने खोलने की मनाही थी. कहा जा रहा था कि MP साहब के चले जाने के बाद उस लिफाफे को खोलें. लेकिन वहां कुछ मीडिया वाले भी मौजूद थे. उन्होंने पीडित परिवारों से लिफाफा खुलवा लिया. लिफाफा खुलने के बाद उसमें दिये गये पैसे को गिना गया. एक लिफाफे में पांच सौ रूपये के दस नोट थे. लोगों ने पांच हजार रूपये देखे और उसके बाद हंगामा शुरू हो गया. 


बीजेपी नेताओं को खदेड़ा

संजय जायसवाल पुलिस की जबरदस्त व्यवस्था में नौतन के गांव में पहुंचे थे. लेकिन लोग आक्रोशित हुए तो फिर पुलिस के पसीने छूट गये. लोगों का आरोप था कि सरकार के कारण जहरीली शराब बिक रही है. सरकार की लापरवाही है औऱ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एक जान की कीमत पांच हजार रूपये लगा रहे हैं. आक्रोशित लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी. हंगामा होते देख संजय जायसवाल पुलिस सुरक्षा में वहां से निकल गये लेकिन लोगों ने उनके साथ गांव आये बीजेपी के दूसरे नेताओं को खदेड़ना शुरू कर दिया. लोगों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि किसी अनहोनी की आशंका खड़ी हो गयी थी. हालांकि वहां पुलिस बल मौजूद थी जिसने जैसे तैसे लोगों को शांत किया


लोग कह रहे थे कि पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से बेतिया में जहरीली शराब का कारोबार हो रहा है. इससे पहले भी लौरिया में जहरीली शराब से कई मौत हुई थी. लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया. नतीजतन फिर से नौतन में घटना हुई और 13 लोगों की जान चली गयी. लोग कह रहे थे कि शराब का मोटा पैसा पुलिस से लेकर नेताओं तक जा रहा है.


उधर संजय जायसवाल ने बाद में मीडिया से बात करते हुए सरकार को क्लीन चिट दे दी. जायसवाल ने कहा कि जहां शराबबंदी नहीं है वहां भी जहरीली शराब से मौत हो रही है. बिहार में तो सरकार ने 600 पुलिसकर्मियों को शराब कारोबार में संलिप्तता के कारण बर्खास्त कर दिया है. इसलिए सरकार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है.