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बांध के लिए किसानों ने शुरू किया जल सत्याग्रह, सरकार के रवैये के खिलाफ निकाली भड़ास

बांध के लिए किसानों ने शुरू किया जल सत्याग्रह, सरकार के रवैये के खिलाफ निकाली भड़ास

22-Sep-2020 09:52 AM

JEHANABAD : नदी में पानी रहने के बाद भी किसानों की फसलों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिस वजह से उन्हें हर साल काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. मामला मखदुमपुर प्रखंड के मंझौस सहित कई गांवों का है जहां सिंचाई का बिना फसलों का हाल ख़राब होते जा रहा है. पिछले दो सालों से किसान सिंचाई की समस्या को लेकर आन्दोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार और अधिकारियों की नींद अबतक नहीं टूटी है. 


थक हारकर किसानों ने अब मोरहर नदी के पानी में उतरकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. सभी किसान बांध के निर्माण की मांग को लेकर जल सत्याग्रह करने को मजबूर हो गए हैं. किसानों ने बताया कि पानी होने के बावजूद भी उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिस कारण उनकी फसलें सूखती जा रहीं हैं. किसानों का कहना है कि इस साल अच्छी बारिश होने की वजह से मंझौस पंचायत के तकरीबन 6 गांव के किसानों ने धान की फसल तो लगा दी, लेकिन जब खेत में सिंचाई की जरूरत है तो बांध नहीं होने से नदी का पानी उनके खेतो में नहीं पहुंच रहा है.


जल सत्याग्रह कर रहे किसानों ने कहा कि स्थानीय अधिाकारी और नेता उन्हें पिछले कई सालों से घेजन-मंझौस बियर बांध के निर्माण का टेंडर होने और उसका निष्पादन जल्द होने का सपना दिखा रहे हैं. किसान ने बताया कि मोरहर नदी गया जिले से निकल कर जहानाबाद के मंझौस होते हुए पटना जिले के कई सौ एकड़ खेतों को सिंचित करती है. इस नदी पर कई सालों से कच्चे बांध का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन पक्के बांध की मांग कई वर्षों से की जा रही है, इसके बावजूद सरकार और अधिकारी कोई पहल नहीं कर रहे हैं. नतीजन उन्हें भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. 

JEHANABAD : नदी में पानी रहने के बाद भी किसानों की फसलों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिस वजह से उन्हें हर साल काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. मामला मखदुमपुर प्रखंड के मंझौस सहित कई गांवों का है जहां सिंचाई का बिना फसलों का हाल ख़राब होते जा रहा है. पिछले दो सालों से किसान सिंचाई की समस्या को लेकर आन्दोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार और अधिकारियों की नींद अबतक नहीं टूटी है. 


थक हारकर किसानों ने अब मोरहर नदी के पानी में उतरकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. सभी किसान बांध के निर्माण की मांग को लेकर जल सत्याग्रह करने को मजबूर हो गए हैं. किसानों ने बताया कि पानी होने के बावजूद भी उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिस कारण उनकी फसलें सूखती जा रहीं हैं. किसानों का कहना है कि इस साल अच्छी बारिश होने की वजह से मंझौस पंचायत के तकरीबन 6 गांव के किसानों ने धान की फसल तो लगा दी, लेकिन जब खेत में सिंचाई की जरूरत है तो बांध नहीं होने से नदी का पानी उनके खेतो में नहीं पहुंच रहा है.


जल सत्याग्रह कर रहे किसानों ने कहा कि स्थानीय अधिाकारी और नेता उन्हें पिछले कई सालों से घेजन-मंझौस बियर बांध के निर्माण का टेंडर होने और उसका निष्पादन जल्द होने का सपना दिखा रहे हैं. किसान ने बताया कि मोरहर नदी गया जिले से निकल कर जहानाबाद के मंझौस होते हुए पटना जिले के कई सौ एकड़ खेतों को सिंचित करती है. इस नदी पर कई सालों से कच्चे बांध का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन पक्के बांध की मांग कई वर्षों से की जा रही है, इसके बावजूद सरकार और अधिकारी कोई पहल नहीं कर रहे हैं. नतीजन उन्हें भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है.