ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार दिवस समारोह के स्टॉल में लगे पुराने फूल को देख मंत्री ने लगाई फटकार, कहा..बेटी की शादी में फ्रेश फूल लगाएंगे और सरकारी काम में बासी खेत में काम कर रही महिला पर भालू ने किया हमला, इलाके में दहशत का माहौल श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 400 रुपये पार, मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी महंगाई लॉज में रहकर तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को फ्री में गैस सिलेंडर देंगे पप्पू यादव, पूर्णिया सांसद की बड़ी पहल मुजफ्फरपुर: शहीद जगवीर राय के लिए पप्पू यादव ने दिया महाधरना, दोषियों की गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल चलाये जाने की मांग 11 साल बाद जिंदा घर लौटी 80 वर्षीया लीलावती, मृत समझ परिवारवाले हर साल मना रहे थे पुण्यतिथि हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर मायके जा रही महिला से झपटा सोने की बाली, पकड़े जाने पर चोर ने निगला, एक्स-रे रिपोर्ट देखकर डॉक्टर रह गये हैरान पटना में खेल मंत्री रक्षा खडसे ने सराहा बिहार मॉडल, देशभर में लागू होगी मैदान निर्माण योजना

Home / news / अपने ही देश में मारा गया कश्मीर का गुनहगार, हिजबुल के टॉप कमांडर...

अपने ही देश में मारा गया कश्मीर का गुनहगार, हिजबुल के टॉप कमांडर की पाक में हत्या

21-Feb-2023 02:37 PM

By First Bihar

DESK: कश्मीर में आतंक फैलाने वाले आंतकी और हिजबुल मुजाहिदीन के संस्थापक सदस्य इम्तियाज आलम उर्फ बशीर अहमद पीर की हत्या पाकिस्तान में कर दी गई है। इम्तियाज आलम नंबर तीन कमांडर था जिसकी पाकिस्तान के रावलपिंडी में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पिछले साल ही 4 अक्टूबर को भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित कर दिया था।


बता दें कि, इम्तियाज आलम मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के बाबरपोरा इलाके का रहने वाला था, जो फिलहाल पाकिस्तान के रावलपिंडी में रह रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार की कई अधिसूचना में कहा गया है कि इम्तियाज आलम कई ऑनलाइन प्रचार समूहों में शामिल होकर "हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और अन्य की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पूर्व-आतंकवादियों और अन्य कैडरों को एकजुट करने का काम करता था।


इम्तियाज आलम को मार्च 2007 में पाकिस्तानी सेना के सैन्य खुफिया निदेशालय ने हिरासत में लिया था। लेकिन ISI  के आदेश पर उसे जल्द ही रिहा कर दिया गया था। इम्तियाज आलम ने उस समय 12 आतंकियों की टीम 'उत्तरी डिवीजन कमांडर' मोहम्मद शफी डार को मजबूत कराने के लिए भेजा था। इम्तियाज आलम ने मई 2017 में हिजबुल मुजाहिदीन को छोड़ खिलाफत की स्थापना और शरिया कानूनों को लागू करने का आह्वान किया था। वहीं 23 मई, 2019 को इम्तियाज आलम पर कश्मीर में अल-कायदा की शाखा अंसार गजवत-उल-हिंद के मुख्य कमांडर जाकिर मूसा को मारने का आरोप लगाया गया था।


वहीं, भारत ने हिजबुल मुजाहिदीन पर अपनी पकड़ कस ली है।बता दें कि, दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। जिनकी पहचान शोपियां के निवासी एम अब्बास वागे, गौहर अहमद मीर और निसार अहमद शेख के रूप में हुई थी। इस मामले में अधिकारियों ने बताया कि, तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने 1 पिस्तौल,2 पिस्तौल मैगजीन और 13 जिंदा पिस्टल राउंड बरामद किए थे।