क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती सिक्सर के छह गोली छाती में रे.., कट्टा, कानून और कफन, सुलगते कटिहार की खौफनाक दास्तान गोपालगंज में नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, पीड़िता की सूझबूझ से टली बड़ी घटना मुजफ्फरपुर में देशभक्ति का महासैलाब: 1100 फीट लंबे तिरंगे के साथ निकली भव्य तिरंगा यात्रा Aadhaar Vision 2032: फिंगरप्रिंट की जगह फेस ऑथेंटिकेशन, आधार सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव; जानिए.. Aadhaar Vision 2032: फिंगरप्रिंट की जगह फेस ऑथेंटिकेशन, आधार सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव; जानिए.. Bihar Top 10 News: गणतंत्र दिवस के मौके पर सरकारी स्कूल में लगा जिन्ना जिंदाबाद का नारा, NEET छात्रा कांड में पीड़ित परिवार ने लगाया गंभीर आरोप ‘तेजस्वी यादव के युवा सोच से सफलता के शिखर पर पहुंचेगी RJD’, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर बोले मुकेश सहनी ‘तेजस्वी यादव के युवा सोच से सफलता के शिखर पर पहुंचेगी RJD’, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर बोले मुकेश सहनी
03-Mar-2024 10:21 PM
By First Bihar
DESK: गोपालगंज के तत्कालीन DM जी. कृष्णैया की हत्या मामले में पूर्व सांसद आनंद मोहन को सजा में दी गई छूट को चुनौती देने वाली याचिका पर कल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। दिवंगत अधिकारी की पत्नी उमा कृष्णैया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ कल सुनवाई करेगी।
गौरतलब है कि 1994 में तेलंगाना निवासी गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी.कृष्णैया की भीड़ ने पीटकर हत्या कर दी थी। यह घटना उस वक्त हुई जब उनकी गाड़ी मुजफ्फरपुर में गैंगस्टर छोटन शुक्ला की शव यात्रा से आगे निकलने की कोशिश की थी। आनंद मोहन उस समय विधायक थे और छोटन शुक्ला की शव यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे।
आनंद मोहन पर भीड़ को गोपालगंज डीएम जी. कृष्णैया की हत्या के लिए उकसाने का आरोप था। आनंद मोहन इस मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे थे। 14 साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद उन्हें पिछले साल सहरसा जेल से रिहा किया गया था। बिहार के गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी कृष्णैया की साल 1994 में हत्या कर दी गई थी। इसका आरोप बाहुबली नेता आनंद मोहन पर लगा था। जब ये मामला कोर्ट पहुंचा तो अदालत ने आनंद मोहन को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। बाद में पटना हाईकोर्ट ने इस फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।
उधर, साल 2023 के अप्रैल महीने में बिहार सरकार ने आनंद मोहन को रिहा करने का फैसला किया। सरकार ने 14 साल जेल में बिताने को आधार मानकर आनंद मोहन को रिहा कर दिया था. जिसका दिवंगत आईपीएस जी कृष्णैया के परिवार ने विरोध किया। गोपालगंज के तत्कालीन DM जी. कृष्णैया की हत्या मामले में पूर्व सांसद आनंद मोहन को सजा में दी गई छूट को चुनौती देने वाली याचिका पर कल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
DESK: गोपालगंज के तत्कालीन DM जी. कृष्णैया की हत्या मामले में पूर्व सांसद आनंद मोहन को सजा में दी गई छूट को चुनौती देने वाली याचिका पर कल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। दिवंगत अधिकारी की पत्नी उमा कृष्णैया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ कल सुनवाई करेगी।
गौरतलब है कि 1994 में तेलंगाना निवासी गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी.कृष्णैया की भीड़ ने पीटकर हत्या कर दी थी। यह घटना उस वक्त हुई जब उनकी गाड़ी मुजफ्फरपुर में गैंगस्टर छोटन शुक्ला की शव यात्रा से आगे निकलने की कोशिश की थी। आनंद मोहन उस समय विधायक थे और छोटन शुक्ला की शव यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे।
आनंद मोहन पर भीड़ को गोपालगंज डीएम जी. कृष्णैया की हत्या के लिए उकसाने का आरोप था। आनंद मोहन इस मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे थे। 14 साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद उन्हें पिछले साल सहरसा जेल से रिहा किया गया था। बिहार के गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी कृष्णैया की साल 1994 में हत्या कर दी गई थी। इसका आरोप बाहुबली नेता आनंद मोहन पर लगा था। जब ये मामला कोर्ट पहुंचा तो अदालत ने आनंद मोहन को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। बाद में पटना हाईकोर्ट ने इस फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।
उधर, साल 2023 के अप्रैल महीने में बिहार सरकार ने आनंद मोहन को रिहा करने का फैसला किया। सरकार ने 14 साल जेल में बिताने को आधार मानकर आनंद मोहन को रिहा कर दिया था. जिसका दिवंगत आईपीएस जी कृष्णैया के परिवार ने विरोध किया। गोपालगंज के तत्कालीन DM जी. कृष्णैया की हत्या मामले में पूर्व सांसद आनंद मोहन को सजा में दी गई छूट को चुनौती देने वाली याचिका पर कल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।