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01-Jul-2020 06:07 PM
PATNA : पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी को पार्टी का नया प्रधान महासचिव बनाया गया है। विधान पार्षद कमरे आलम के आरजेडी छोड़ने के बाद यह पद खाली था और अब इस पर एक बार फिर अल्पसंख्यक के चेहरे को जिम्मेदारी दी गई है।
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खासमखास रहे अब्दुल बारी सिद्दीकी साल 1977 में बिहार के बहेड़ा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने ।अब्दुल बारी सिद्दीकी महागठबंधन की सरकार में वित्त मंत्री रह चुके हैं। साल 1992 में वे एमएलसी चुने गये थे और साल 1995 में एमएलए बने। इसके बाद लगातार 2000, 2005 और 2010 में विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। बिहार सरकार में वर्षों तक कई विभागों के मंत्री भी रहे। विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता भी रह चुके हैं। वे लगातार छह बार और कुल सात बार विधायक और एक बार विधान पार्षद चुने जा चुके हैं। वर्तमान में वे दरभंगा के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
अब्दुल बारी सिद्दीकी का जन्म 1953 में दरभंगा जिले के अलीनगर के रूपसपुर गांव में हुआ था। इनके पिता अली अहमद बिहार सरकार के कृषि विभाग के चतुर्थवर्गीय कर्मी थे। पहली बार विधायक बने सिद्दीकी को कर्पूरी मंत्रिमंडल में संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया। उसके बाद 1980, 1985 और 1990 के विधानसभा चुनावों में वे हार गए।
सिद्दीकी बिहार कैबिनेट में कई बड़े विभागों का कार्यभार संभाल चुके हैं। जैसे संसदीय कार्य, शिक्षा, कृषि, पीडब्ल्यूडी, आबकारी, अल्पसंख्यक कल्याण समेत कई महत्वपूर्ण विभाग पहले संभाल चुके हैं। वे जेपी आंदोलन से भी जुड़े हुए थे। वहीं से उनसे राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई। उनकी पत्नी भी इस आंदोलन से जुड़ी थीं। वे दोनों यहीं पर मिले और तमाम विरोध के बावजूद दोनों की शादी हुई। उनकी पत्नी का नाम नूतन सिन्हा है।
बता दें कि आरजेडी के प्रधान महासचिव रहे कमरे आलम आरजेडी से इस्तीफा देकर एमएलसी संजय प्रसाद, दिलीप राय, राधाचरण सेठ, रणविजय सिंह के साथ जेडीयू में शामिल हो गए थे। इसके बाद से आरजेडी का ये पद खाली हो गया था। अब सीनियर लीडर अब्दुल बारी सिद्दीकी को ये जिम्मेवारी सौंपी गयी है।