जमुई में नकाबपोश बदमाशों ने घर पर बमबाजी कर लूट की वारदात को दिया अंजाम, जमीन के दस्तावेज भी जलाए मधुबनी में भीषण सड़क हादसा: बेलगाम ट्रैक्टर की चपेट में आने से महिला की मौत, चालक फरार सीट लूटने के चक्कर में दो यात्रियों की मौत, गया जंक्शन पर दर्दनाक हादसा सहरसा में सिर कटी लाश का खुलासा: प्रेम-प्रसंग में युवती के भाई ने रची थी साजिश बिहार में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक, बिना लाइसेंस के नहीं लगेगी दुकान, नीतीश सरकार ने किये नियम सख्त JEE Mains Result 2026: जेईई मेन 2026 का रिजल्ट घोषित, बिहार के शुभम कुमार ने लहराया परचम, हासिल किये 100 परसेंटाइल बिक्रमगंज के रेड लाइट एरिया में पुलिस की रेड, 4 महिलाएं समेत 6 हिरासत में कर्पूरी ठाकुर की जयंती में राजद के दो गुट भिड़े, इसराइल मंसूरी और हैदर आजाद में तीखी नोकझोंक Bihar News: बिहार में दर्दनाक सड़क हादसे में मासूम बच्चे की मौत, गुस्साए लोगों ने सड़क पर किया भारी बवाल BIHAR CRIME NEWS: बिहार में प्रशासन लिखी स्कॉर्पियो से फायरिंग, पेशकार और पुलिस अधिकारी गिरफ्तार
17-Apr-2022 08:00 AM
PATNA : वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए डीज़ल चालित ऑटो के बाद अब बसों पर भी लगाम लगाने की तैयारी चल रही है. इसमें भी सबसे पहले स्कूली बसों पर कार्रवाई होगी. इसके तहत पटना नगर निगम, दानापुर नगर परिषद, खगौल, पटना सिटी और फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्र में स्थित प्राइवेट स्कूलों द्वारा संचालित की जाने वाली डीजल बसों के परिचालन पर रोक लगेगी.
परिवहन विभाग के अधिकारी के मुताबिक, वैसे स्कूल बस जो 15 साल से अधिक पुरानी हैं, उन्हें बंद करने के लिए कार्रवाई अगले सप्ताह से की जाएगी. अभियान चलाकर स्कूल बसों की जांच की जाएगी. अगर शहरी क्षेत्र में 15 साल से अधिक पुरानी बस परिचालित करते पकड़े जाने पर जुर्माना के साथ-साथ जब्ती की भी कार्रवाई हो सकती है. जांच के दौरान परमिट सहित सभी तरह के कागजात जांच की जाएगी.
पटना नगर निगम, दानापुर नगर परिषद, खगौल, पटना सिटी और फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्र में स्कूली बसों की संख्या करीब 300 से अधिक है. बोरिंग रोड, बेली रोड, कंकड़बाग, पाटलिपुत्र, राजेन्द्र नगर, कदमकुआं, गांधी मैदान, अनीसाबाद, फुलवारी एम्स, दीघा, बुद्धा कॉलोनी, राजवंशी नगर, जगनपुरा, सिपारा सहित विभिन्न इलाकों में प्राइवेट स्कूल है.
इस वजह से शहर के प्रमुख रोड से लेकर ब्रांच रोड हर दिन बसें दौड़ती हैं. स्कूली बसों के लिए कोई रूट निर्धारित नहीं है. किसी भी रूट पर चल सकती हैं. ऐसे में शहर के विभिन्न इलाकों में आने-जाने का सिलसिला जारी रहती है. जांच होने पर करीब 50 से अधिक बसें 15 साल पुरानी निकलेंगी.
बता दें कि शहर को डीजल मुक्त बनाने की कवायद शुरू कर दी है. आने वाले दिनों में डीजल बस सड़क पर नहीं दिखेगी. सरकारी और प्राइवेट लोकल डीजल बस को सीएनजी में कर्न्सट करने की प्रक्रिया चल रही है. इसके बाद स्कूली बसों को डीजल की जगह सीएनजी से परिचालित करने का अनुरोध किया जाएगा.