Patna Metro : 26 मार्च को पटना मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन संभव, चार स्टेशनों के बीच शुरू होगा सफर बिहार के इस जिले में करीब दर्जनभर सड़कों की बदलेगी सूरत, सरकार खर्च करेगी इतने करोड़ बिहार के इस जिले में करीब दर्जनभर सड़कों की बदलेगी सूरत, सरकार खर्च करेगी इतने करोड़ RTO online services : घर बैठे बनाएं लर्निंग लाइसेंस! RTO जाने की झंझट खत्म, मिनटों में पूरा होगा प्रोसेस बिहार में भगवान भी सुरक्षित नहीं: हनुमान मंदिर से लाखों के गहने चोरी, चांदी का गदा और अन्य कीमती सामान चुरा ले गए चोर बिहार की शिक्षा व्यवस्था में जल्द होने जा रहा बड़ा बदलाव, 80 हजार सरकारी स्कूलों में इस महीने से लागू होगी शैक्षणिक सुधार योजना बिहार की शिक्षा व्यवस्था में जल्द होने जा रहा बड़ा बदलाव, 80 हजार सरकारी स्कूलों में इस महीने से लागू होगी शैक्षणिक सुधार योजना देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था Bihar news : बड़ी लापरवाही! शौचालय का वेंटिलेटर तोड़कर दो लड़कियां फरार, प्रशासन में हड़कंप
09-Aug-2020 06:01 PM
DESK : कोरोना जांच की जो तस्वीर अब तक आपने देखी होगी उसमें नाक और मुंह से स्वाब लेकर टेस्टिंग होती है। लेकिन बहुत जल्द अब कोरोना टेस्टिंग के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। महाराष्ट्र सरकार कोरोना टेस्टिंग के लिए अब आवाज को जरिया बनाएगी। महाराष्ट्र कोरोना के मामले में देश के अंदर सबसे ऊपर है और यहां हर दिन इस महामारी से निपटने के लिए नई तकनीक पर काम किया जा रहा है।
आवाज के जरिए कोरोना टेस्टिंग कैसे की जाएगी इसको लेकर अभी कोई बहुत ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन शिवसेना नेता और राज्य सरकार के मंत्री आदित्य ठाकरे ने खुद इसके बारे में जानकारी साझा की है आदित्य ठाकरे ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि 'बीएमसी आवाज के नमूनों का उपयोग करके AI-आधारित कोविड टेस्टिंग का एक परीक्षण करेगी. आरटी-पीसीआर टेस्टिंग भी होती रहेगी, लेकिन दुनियाभर में टेस्ट की गई तकनीकें साबित करती है कि महामारी ने हमें हमारे स्वास्थ्य ढांचे में तकनीक के उपयोग से चीजों को अलग तरह से देखने और विकसित करने में मदद की है.'
अगर आवाज के जरिए कोरोना की जांच संभव हो पाती है तो अपने आप में यह एक बड़ी सफलता होगी। वॉइस सैंपल टेस्टिंग के जरिए कोरोना मरीजों की पहचान कर पाने से दुनिया भर में इसके बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। अब इंतजार उस वक्त का है जब महाराष्ट्र में यह टेस्टिंग सफल हो जाए।