ब्रेकिंग न्यूज़

चनपटिया में चापाकल का पानी पीने से दर्जनों बच्चे बीमार, जीएमसीएच बेतिया में भर्ती रील बनाने के चक्कर में ट्रेन से गंगा नदी में गिरी युवती, नाविकों ने बचाई जान बिहार में 12 से 15 मार्च तक बूंदाबांदी का अलर्ट, उत्तर बिहार के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना Bihar Crime News: बिजली विभाग में नौकरी का झांसा देकर 30 लाख की ठगी, खुद को SDO बताता था जालसाज Bihar Crime News: बिजली विभाग में नौकरी का झांसा देकर 30 लाख की ठगी, खुद को SDO बताता था जालसाज 11 से 17 मार्च तक पटना में होगा महिला कबड्डी का महामुकाबला, सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन बिहार प्रवर्तन अवर निरीक्षक भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, इतने अभ्यर्थी हुए सफल बिहार प्रवर्तन अवर निरीक्षक भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, इतने अभ्यर्थी हुए सफल सांसद राजेश वर्मा का 'हमारी बहना' अभियान, हर साल 51 बेटियों की कराएंगे शादी, कहा..भाई बनकर निभाऊंगा फर्ज देश में गैस की किल्लत के बीच बड़ी वारदात, 524 सिलेंडरों से भरा ट्रक ले भागे चोर, पुलिस भी हैरान

आरक्षण सीमा बढाने के खिलाफ याचिका कांग्रेस-राजद की साजिश, बोली बीजेपी..पार्टी की छवि खराब करने की मंशा से दायर की गई जनहित याचिका

27-Nov-2023 08:18 PM

By First Bihar

 PATNA: बिहार सरकार ने पिछड़ी और अतिपिछड़ी जातियों का आरक्षण 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत किया है। राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी गयी है। नमन श्रेष्ठ और गौरव कुमार ने पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की और नीतीश सरकार के इस फैसले को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने इसे राजद और कांग्रेस की साजिश बताया। 


बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा ने बिहार में जातीय सर्वे कराने से लेकर आरक्षण की सीमा बढाने वाले विधेयक तक हर स्तर पर समर्थन किया, लेकिन पार्टी को बदनाम करने की साजिश के तहत राजद-कांग्रेस ने आरक्षण सीमा बढाने के विरुद्ध हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करा दी। इसका हश्र सबको पता है।


उन्होंने कहा कि देश पर 55 साल राज करने वाली कांग्रेस ने काका कालेकर समिति से मंडल आयोग तक हमेशा पिछड़ों-दलितों के आरक्षण का विरोध किया और राजद ने 2001 में पिछड़ों को आरक्षण दिये बिना बिहार में पंचायत चुनाव कराये थे। पंचायतों में पिछड़ों को आरक्षण तब मिला, जब भाजपा और सहयोगी दलों की सरकार बनी।


उन्होंने कहा कि जब बिहार की कर्पूरी ठाकुर सरकार ने पिछड़े वर्गों को नौकरी में पहली बार 27 फीसद आरक्षण दिया था, तब कांग्रेस सत्ता से बाहर थी और जनसंघ सरकार में शामिल था। सुशील मोदी ने कहा कि पिछड़े-गरीब परिवार से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसद आरक्षण देने के लिए आरक्षण की 50 फीसद की अधिकतम सीमा तोड़ कर जो रास्ता दिखाया, बिहार ने उसी का अनुसरण किया है।


उन्होंने कहा कि गरीब,पिछड़े और वंचित वर्गों के साथ खड़ी भाजपा को राजद-कांग्रेस बर्दाश्त नहीं कर पाते, इसलिए वे कोर्ट-कचहरी के जरिये राजनीति शुरू करते हैं। नीतीश कुमार का यह कहना सही है कि 2005 के पहले दलितों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता था। राजद सरकार के समय लक्ष्मणपुर बाथे, बथानी टोला जैसे दर्जन भर बड़े नरसंहार हुए, लेकिन आज राजद दलितों की हितैषी बन रहा है और खूनी इतिहास को भुलाना चाहता है।