ब्रेकिंग न्यूज़

BIHAR NEWS : पटना में निजी भवनों पर किया यह काम तो भरना पड़ सकता है जुर्माना, जारी हुआ आदेश; अब देनी पड़ेगी यह जानकारी Bihar political news : जेल में बंद विधायक बनेंगे ‘किंगमेकर’? राज्यसभा चुनाव में अनंत सिंह करेंगे वोट या नहीं; जानिए क्या है नया अपडेट बिहार में हेल्थ सेक्टर की बड़ी छलांग! रोबोटिक सर्जरी से कैंसर पर जीत, आई बैंक भी हुआ शुरू BIHAR NEWS : बिहार में इस जगह गैस सिलेंडर कालाबाजारी का भंडाफोड़, छापेमारी में 250 से अधिक सिलेंडर बरामद; मचा हडकंप 'बाबू सुनो, तुमसे ही शादी करेंगे…' बॉयफ्रेंड ने झांसा देकर मिलने बुलाया; गर्लफ्रेंड हुई प्रेग्नेंट तो कर दिया बड़ा कांड BIHAR NEWS : अरे भाग नहीं ना रहे हैं, रहिए चुपचाप, उधर कहां भाग रहे हैं? फिर दिखा CM नीतीश का अनोखा अंदाज, पढ़िए समृद्धि यात्रा के दौरान क्या हुआ BIHAR NEWS : सूबे के 18 लाख महिलाओं के खाते में जल्द ही जाने वाला है पैसा, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा एलान Bihar News : नीतीश कुमार ही तय करेंगे बिहार का भविष्य...', बोले विजय चौधरी - नीतीश कुमार के आशीर्वाद के बिना कुछ भी संभव नहीं गैस सिलेंडर के लिए तपस्या! सासाराम की इस गैस एजेंसी पर मची होड़, बुलानी पड़ी पुलिस बिहार में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, चाकूबाजी में एक व्यक्ति गंभीर घायल

28 साल बाद हत्या मामले में पूर्व विधायक दोषी करार, 29 अप्रैल को होगा सजा का ऐलान

20-Apr-2024 07:17 AM

By First Bihar

SARAN : बिहार सारण कांग्रेस नेता व मशरक के पूर्व विधायक तारकेश्वर सिंह 28 साल पहले हुई हत्या के मामले में शुक्रवार को कोर्ट से दोषी करार दे दिये गये हैं। जबकि इसी  मामले में दो आरोपितों को एमपी-एमएलए कोर्ट ने बरी कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी। दोषी करार देने के बाद पूर्व विधायक मंडल कारा, छपरा भेज दिये गये हैं। 


एमपी- एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश सुधीर कुमार सिन्हा ने पानापुर थाना में दर्ज प्राथमिकी में आरोपित पूर्व विधायक पर भादवि की धारा 302, 364, 201 व 27 आर्म्स एक्ट में दोषी पाया है। जबकि न्यायालय ने इस मामले में दो अन्य आरोपित संजीव सिंह व पूर्व मुखिया देवनाथ राय को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।


मालूम हो कि, इस हत्याकांड के सूचक पानापुर के तुर्की ग्राम निवासी बाबूलाल गुप्ता ने 10 जनवरी, 1996 को अपने भाई शत्रुघ्न प्रसाद को गोली मारने व घायल अवस्था में जबरन उठाकर ले जाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में उन्होंने कहा था कि वह अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी संध्या साढ़े चार बजे सात-आठ मोटरसाइकिल पर दो-दो व्यक्ति सवार होकर किराना दुकान पर पहुंचे। 


सभी के हाथ में राइफल व बंदूक थी। बाइक से उतरते ही तारकेश्वर सिंह ने आदेश दिया कि गोली मार दो। इतने में उनके निजी अंगरक्षक ने गोली चला दी। जो उनके भाई शत्रुघ्न प्रसाद कोजा लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर गए। बाद में मोटरसाइकिल सवार लोग उनके भाई को अगवा करके ले गए। काफी खोजबीन के बाद उनके भाई का शव दो दिन बाद मोतिहारी के डुमरिया पुल के नीचे नदी में मिला था।