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अब 25 जून को मनाया जाएगा संविधान हत्या दिवस, केंद्र सरकार ने की बड़ी घोषणा

12-Jul-2024 04:47 PM

By First Bihar

DESK: केंद्र सरकार ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाए जाने का ऐलान किया है। बता दें कि इसी दिन आपातकाल लगा था। 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तानाशाही मानसिकता को दर्शाते हुए देश में आपातकाल लगाकर भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का गला घोंट दिया था। 


तब लाखों लोगों को अकारण जेल में डाल दिया गया था और मीडिया की आवाज को दबा दिया था। अब भारत सरकार ने हर साल 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने का फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बात की जानकारी दी है। 


इसे लेकर भारत सरकार की ओर से नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच संविधान को लेकर हो रहे राजनीतिक बयानबाजी के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने यह फैसला लिया है। 


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा  '25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने अपनी तानाशाही मानसिकता को दर्शाते हुए देश में आपातकाल लगाकर भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का गला घोंट दिया था। लाखों लोगों को अकारण जेल में डाल दिया गया और मीडिया की आवाज को दबा दिया गया। भारत सरकार ने हर साल 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय किया है। यह दिन उन सभी लोगों के विराट योगदान का स्मरण करायेगा, जिन्होंने 1975 के आपातकाल के अमानवीय दर्द को झेला था।"'


वही केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश पर आपातकाल को थोपने का असंवेदनशील काम किया। उस समय की तानाशाही सरकार ने लाखों लोगों को जबरन जेल में डालकर लोकतंत्र की हत्या कर दी थी। उन सभी संघर्षरत लोगों को याद करते हुए मोदी सरकार ने हर वर्ष 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, जो आने वाली पीढ़ियों को आपातकाल की यातनाओं और उत्पीड़न के काले अध्याय के बारे में अवगत कराता रहेगा। मैं इसके लिए प्रधानमंत्री जी का हृदय से अभिनंदन करता हूँ।








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