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23-Apr-2024 08:47 PM
By First Bihar
PATNA : इमरजेंसी वार्ड के दो मरीजों को एमएलए वार्ड में शिफ्ट किये जाने का मामला बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच में सामने आया है। पीएमसीएच के सर्जरी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सरफराज आलम ने इसे लेकर सवाल उठाये हैं। उन्होंने सिस्टर इंचार्ज को पत्र लिखकर इसपर जवाब मांगा है।
डॉ. सरफराज ने सिस्टर इंचार्ज से पूछा है कि बिना मेरी अनुमति के कैसे इमरजेंसी के मरीज को एमएलए वार्ड में एडमिट कराया गया। जिसका जवाब देते हुए सिस्टर इंचार्ज नीतू कुमारी ने बताया कि सोमवार को वह छुट्टी पर थी। उनकी जगह कोई और ड्यूटी पर था। नीतू कुमारी ने बताया कि सुपरिटेंडेट डॉ.आईएस ठाकुर के निर्देश पर इमरजेंसी से लाए गये दो मरीज अरुण और शुभम सौरव को एमएलए वार्ड में एडमिट कराया गया था।
जबकि नियम यह है कि विधायक की अनुशंसा पर ही किसी भी मरीज को एमएलए वार्ड में भर्ती कराया जा सकता है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। नियम और कानून को ताक पर रखकर जनरल मरीज को विधायक वार्ड में शिफ्ट किया गया है। जबकि पीएमसीएच के सुपरिटेंडेंट से जब इस संबंध में बात की गयी तब उन्होंने कहा कि वह खुद यहां के मालिक हैं। ऐसे मामलों में उन्हें किसी और से पूछने की जरूरत नहीं है।
सुपरिटेंडेंट डॉ. आईएस ठाकुर ने बताया कि सर्जरी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सरफराज आलम इसे लेकर जो सवाल उठा रहे हैं, वह खुद तो काम नहीं करते हैं और बेवजह तर्क देते रहते हैं। किसे कहां और किस वार्ड में शिफ्ट करना है, यह हमारा काम है। बिना मतलब वह मामले को तूल दे रहे हैं। वहीं, पीएमसीएच में इस मामले के सामने आने के बाद अब कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।