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19 में से 11 MLA गायब, फिर भी कांग्रेस ने चुना विधायक दल का नया नेता, पार्टी के अंदर बड़ा खेल होने की चर्चा

03-Jun-2023 04:07 PM

By First Bihar

PATNA: कांग्रेस ने आज बिहार में अपने विधायक दल का नया नेता चुन लिया. कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा को पद से हटा दिया गया. पार्टी ने आज शकील अहमद खां को अपने विधायक दल का नया नेता चुन लिया. ये फैसला पार्टी के विधायकों की बैठक में लिया गया. दिलचस्प बात ये थी कि कांग्रेस के 19 विधायकों में से 11 विधायक बैठक से गायब थे. सिर्फ 8 विधायकों की बैठक में नया नेता चुनने की रस्म अदायगी कर दी गयी।


पार्टी के अंदर होगा खेल

कांग्रेस विधायक दल की बैठक आलाकमान ने तय की थी. इसमें आलाकमान के खास दूत शक्ति सिंह गोहिल मौजूद थे. पार्टी के प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास के साथ साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव तारिक अनवर भी बैठक पहुंचे थे. लेकिन 60 परसेंट विधायक गायब रहे. यहां तक कि अजीत शर्मा भी विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे, उनके पास ही विधायक दल की बैठक बुलाने का अधिकार था।


चर्चा ये है कि अजीत शर्मा नाराज हैं. उनके साथ कई और विधायक नाराज हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर अखिलेश प्रसाद सिंह को बिठाये जाने के बाद पार्टी के अंदर घमासान मचा है. विधायकों को अखिलेश सिंह की कार्यशैली पसंद नहीं आ रही है. कुछ दिनों पहले अखिलेश सिंह का एक ऑडियो क्लीप वायरल हुआ था. उसमें वे अपने समर्थकों को कह रहे थे कि भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी जब जहानाबाद आयें तो उनके जिंदाबाद का नारा लगाना है।


कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि इतने गंभीर मामले के सामने आने के बाद भी अखिलेश सिंह पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी. वहीं पार्टी के जिलाध्यक्षों के चयन में भी विधायकों की नहीं सुनी गयी. उनका आरोप है कि अखिलेश सिंह मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं, जिससे पार्टी को बड़ा नुकसान हो रहा है. पार्टी के कई विधायकों ने आलाकमान तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की लेकिन उनकी सुनी नहीं जा रही है।


पार्टी के नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने बताया कि यह फैसला आलाकमान के स्तर पर लिया गया और वहीं से विधायक दल के नये नेता का नाम तय किया गया है.  उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर जातीय समीकरण को संतुलित करने के लिए ये फैसला लिया गया है. प्रदेश अध्यक्ष भूमिहार जाति से आते हैं और विधायक दल के नेता अजीत शर्मा भी उसी समाज से हैं. इसके कारण ही ये फैसला लिया है. अखिलेश सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही विधायक दल के नये नेता को चुने जाने का काम पेंडिंग था. प्रेमचंद मिश्रा ने ये भी कहा कि शार्ट नोटिस के कारण अजीत शर्मा बैठक में शामिल नहीं हो सके।


बता दें कि कांग्रेस विधायक दल के नये नेता शकील अहमद खां कटिहार के कदवा से विधायक है. चर्चा ये थी कि पिछले साल जब महागठबंधन की सरकार बन रही थी तो उनका नाम मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले विधायकों की सूची में शामिल था. आखिरी वक्त में वे मंत्री नहीं बन पाये थे. अब उन्हें कांग्रेस विधायक दल की कमान सौंपी गई है. 2024 के लोकसभा 2025 के विधानसभा चुनाव में मुसलमान वोटरों को अपने पाले में बनाये रखने के लिए ही कांग्रेस आलाकमान ने शकील अहमद खां को ये जिम्मेवारी दी है।


बैठक के बाद कांग्रेस विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने बताया कि विधायक दल की बैठक में कई और प्रस्ताव भी पास किये गये. उड़ीसा में रेल  दुर्घटना में सैकड़ों लोगों के मारे जाने पर शोक जताया गया. वहीं,  कर्नाटक में पार्टी की भारी जीत पर खुशी जाहिर की गयी. इसके अलावा ये तय किया गया कि विधायकों के क्षेत्र में जो स्थानीय समस्याएं हैं उससे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सरकार को अवगत कराया जायेगा और उनका समाधान ढूंढने की पहल की जायेगी।