ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Assembly : बिहार विधानसभा में नीतीश-तेजस्वी का मजेदार संवाद, सीएम ने कहा- “बैठो न यार”, हल्की-फुल्की नोक-झोंक बनी चर्चा Budget Session : विधानसभा में विजय सिन्हा और भाई वीरेंद्र के बीच भिडंत, स्पीकर ने संभाली स्थिति Bihar Budget Session : बिहार विधानसभा में गरमाई सियासत: तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाए आरोप, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा - तुमलोग कुछ काम किए हो जी Budget Session : सेंट्रल हॉल में क्या हुआ था CM नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच बातचीत, सदन में नेता विपक्ष ने बताई पूरी कहानी Bihar Assembly : महिलाएं बिकती हैं..! तेजस्वी के बयान पर विधानसभा में बवाल..सत्ता पक्ष की महिला सदस्यों का भारी विरोध Bihar Assembly : अन्याय के साथ पूरे बिहार में हो रहा विनाश, सदन में बोलें तेजस्वी यादव - 11 साल से बिहार के लोगों को सुनाई जा रही घिसी-पिटी बातें Google से मोबाइल नंबर निकालते हैं तो हो जाएं सावधान! बिहार में फर्जी कॉल सेंटर से चल रहा बड़ा खेल; अबतक पांच सौ लोगों से साइबर ठगी Google से मोबाइल नंबर निकालते हैं तो हो जाएं सावधान! बिहार में फर्जी कॉल सेंटर से चल रहा बड़ा खेल; अबतक पांच सौ लोगों से साइबर ठगी Bihar Crime News: ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा कोढ़ा गैंग का शातिर बदमाश, लूटपाट के बाद भाग रहे अपराधी को लोगों ने दबोचा; पिस्टल-गोली बरामद Bihar Crime News: ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा कोढ़ा गैंग का शातिर बदमाश, लूटपाट के बाद भाग रहे अपराधी को लोगों ने दबोचा; पिस्टल-गोली बरामद

17 महीने बाद जेल से बाहर निकलने जा रहे मनीष सिसोदिया, SC ने शराब नीति मामले में दी जमानत

17 महीने बाद जेल से बाहर निकलने जा रहे मनीष सिसोदिया, SC ने शराब नीति मामले में दी जमानत

09-Aug-2024 11:28 AM

By First Bihar

DESK : दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। वह 17 महीनों बाद जेल से बाहर निकलने जा रहे हैं।शराब नीति मामले में सिसोदिया को पिछले साल 26 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया है। 


दरअसल, दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण व कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं में संलिप्तता के लिए 26 फरवरी 2023 को सीबीआई के तरफ से  गिरफ्तार किए गए दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने  6 अगस्त को पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। उसके बाद अब यह फैसला सुनाया गया है। 


सुनवाई के दौरान मनीष सिदोतिया के वकील ने कहा कि अक्टूबर में हमें बताया गया था कि 6-8 महीने में मुकदमा पूरा हो सकता है। हमने कहा था कि अगर ऐसा न हुआ तो आरोपी दोबारा ज़मानत की मांग कर सकता है। आरोपी लंबे समय से जेल में है। ऐसे में इन्हें PMLA सेक्शन 45 में दी गई ज़मानत की कड़ी शर्तों से रियायत की मांग की गई। वहीं जांच एजेंसी ने आरोपी को मुकदमे में देरी के लिए जिम्मेदार बताया। 


कोर्ट ने कहा कि सिसोदिया की जड़ें समाज में गहरी जुड़ीं हैं और इसलिए वह भाग नहीं सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबूत जब्त किए जा चुके हैं और इसलिए इनसे छेड़छाड़ की संभावना नहीं है। कोर्ट ने जांच एजेंसियों की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि ट्रायल में देरी की वजह खुद मनीष सिसोदिया हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रायल में देरी के मामलों में निचली अदालतों को उदारता से जमानत पर विचार करना चाहिए।