बेगूसराय में मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबे 2 युवक, तलाश में जुटे गोताखोर "बुलेट, मूंछ और कमर में कट्टा... कटिहार में सिर चढ़कर बोल रहा है 'तमंचा राज' का नशा! आरा DAV स्कूल में इंस्टाग्राम वीडियो विवाद में दो छात्रों को मारा चाकू, एक की हालत गंभीर बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: अब बिल पर होगा फ्यूज कॉल सेंटर नंबर, शिकायतों के लिए ONLINE पोर्टल “लिट्टी विद मांझी” कार्यक्रम में जुटा एनडीए का शीर्ष नेतृत्व, दिखी एकजुटता 300 आवारा कुत्तों को जहरीला इंजेक्शन देकर मारने का आरोप, सरपंच और पंचायत सचिव पर केस दर्ज सेक्स रैकेट की सूचना पर पहुंचे हिंदू संगठन के लोग, दो मंजिला मकान से कूदे युवक-युवतियां 234 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार, पार्सल वैन से की जा रही थी तस्करी Bihar School News: बिहार के सरकारी स्कूलों में बनेंगे AI और लैंग्वेज लैब, हाईटेक शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम Bihar School News: बिहार के सरकारी स्कूलों में बनेंगे AI और लैंग्वेज लैब, हाईटेक शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम
20-Nov-2025 03:41 PM
By First Bihar
Life Style: सर्दियों के मौसम में स्वास्थ्य की चुनौतियां बढ़ जाती हैं, खासकर खांसी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ठंडी हवा, तापमान में गिरावट और शरीर के कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण लोग जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। शुरुआती चरण में यह समस्या सामान्य सर्दी-जुकाम के रूप में दिखाई देती है, लेकिन कई बार यह धीरे-धीरे बढ़कर निमोनिया जैसे गंभीर संक्रमण का रूप ले सकती है। विशेषकर बच्चे, बुजुर्ग, प्रेग्नेंट महिलाएं और पहले से बीमार लोग इस मौसम में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
सर्दी में शरीर का तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। नाक और गले की नमी कम हो जाने के कारण संक्रमण आसानी से फेफड़ों तक पहुंच सकता है। यही कारण है कि ठंड के मौसम में निमोनिया के मामले तेजी से बढ़ते हैं।
निमोनिया के बढ़ने के कारण:
ठंडी हवा से फेफड़ों पर असर – ठंडी हवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचती है और उनके ऊतकों को कमजोर करती है, जिससे संक्रमण जल्दी फैल सकता है।
बंद कमरे और कम वेंटिलेशन – सर्दियों में लोग खिड़कियां-दरवाजे बंद रखते हैं, जिससे ताजी हवा का प्रवाह बंद हो जाता है और वायरस आसानी से फैलते हैं।
कमजोर इम्यून सिस्टम – ठंड में शरीर का तापमान गिरता है, जिससे इम्यूनिटी धीमी हो जाती है और शरीर संक्रमण से लड़ नहीं पाता।
सूखी हवा – ठंडी और सूखी हवा से नाक और गले की नमी कम हो जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
पहले से मौजूद बीमारियां – अस्थमा, हार्ट डिजीज, डायबिटीज या सीओपीडी वाले लोग सर्दियों में अधिक संवेदनशील होते हैं और उन्हें निमोनिया होने की संभावना ज्यादा रहती है।
सर्दियों में सुरक्षित रहने के उपाय:
गर्म कपड़े पहनें और ठंडी हवा से बचें – बाहर जाते समय मफलर, शॉल या मास्क का उपयोग करें।
हाथों की साफ-सफाई बनाए रखें – बार-बार हाथ धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
घर में वेंटिलेशन बनाए रखें – कमरों में ताजी हवा आने दें।
पानी और गर्म तरल पदार्थ का सेवन करें – शरीर को हाइड्रेटेड रखें। सूप, काढ़ा, गुनगुना पानी पीना फायदेमंद है।
इम्यूनिटी बढ़ाने वाला आहार लें – विटामिन-सी, फलों, सब्जियों, दालों और सूखे मेवों का सेवन करें।
धूम्रपान से दूर रहें – सिगरेट फेफड़ों को कमजोर करती है और निमोनिया का खतरा बढ़ाती है।
टीकाकरण करवाएं – फ्लू और निमोनिया के टीके बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को गंभीर संक्रमण से बचाते हैं।
बीमार लोगों से दूरी बनाए रखें – संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए मरीजों से दूरी रखें।
सर्दियों में अतिरिक्त सावधानियां:
व्यायाम और योग – हल्का व्यायाम या योग शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है।
साबुन और सैनिटाइजर का नियमित इस्तेमाल – सार्वजनिक स्थानों पर हाथों को साफ रखना संक्रमण को रोकने में मदद करता है।
घर के अंदर उचित तापमान बनाए रखें – हीटर या ब्लैंकेट का सही इस्तेमाल करना जरूरी है।
सही नींद और आराम – पर्याप्त नींद और आराम से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत रहती है।
सुपरफूड और हर्बल उपाय – हल्दी वाला दूध, अदरक की चाय और तुलसी का काढ़ा संक्रमण से लड़ने में सहायक हैं।
सर्दियों में इन सावधानियों को अपनाकर आप न सिर्फ खुद को बल्कि अपने परिवार को भी गंभीर संक्रमण से बचा सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष ध्यान रखें, क्योंकि ये समूह संक्रमण के प्रति सबसे संवेदनशील होते हैं।
Life Style: सर्दियों के मौसम में स्वास्थ्य की चुनौतियां बढ़ जाती हैं, खासकर खांसी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ठंडी हवा, तापमान में गिरावट और शरीर के कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण लोग जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। शुरुआती चरण में यह समस्या सामान्य सर्दी-जुकाम के रूप में दिखाई देती है, लेकिन कई बार यह धीरे-धीरे बढ़कर निमोनिया जैसे गंभीर संक्रमण का रूप ले सकती है। विशेषकर बच्चे, बुजुर्ग, प्रेग्नेंट महिलाएं और पहले से बीमार लोग इस मौसम में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
सर्दी में शरीर का तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। नाक और गले की नमी कम हो जाने के कारण संक्रमण आसानी से फेफड़ों तक पहुंच सकता है। यही कारण है कि ठंड के मौसम में निमोनिया के मामले तेजी से बढ़ते हैं।
निमोनिया के बढ़ने के कारण:
ठंडी हवा से फेफड़ों पर असर – ठंडी हवा सीधे फेफड़ों तक पहुंचती है और उनके ऊतकों को कमजोर करती है, जिससे संक्रमण जल्दी फैल सकता है।
बंद कमरे और कम वेंटिलेशन – सर्दियों में लोग खिड़कियां-दरवाजे बंद रखते हैं, जिससे ताजी हवा का प्रवाह बंद हो जाता है और वायरस आसानी से फैलते हैं।
कमजोर इम्यून सिस्टम – ठंड में शरीर का तापमान गिरता है, जिससे इम्यूनिटी धीमी हो जाती है और शरीर संक्रमण से लड़ नहीं पाता।
सूखी हवा – ठंडी और सूखी हवा से नाक और गले की नमी कम हो जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
पहले से मौजूद बीमारियां – अस्थमा, हार्ट डिजीज, डायबिटीज या सीओपीडी वाले लोग सर्दियों में अधिक संवेदनशील होते हैं और उन्हें निमोनिया होने की संभावना ज्यादा रहती है।
सर्दियों में सुरक्षित रहने के उपाय:
गर्म कपड़े पहनें और ठंडी हवा से बचें – बाहर जाते समय मफलर, शॉल या मास्क का उपयोग करें।
हाथों की साफ-सफाई बनाए रखें – बार-बार हाथ धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
घर में वेंटिलेशन बनाए रखें – कमरों में ताजी हवा आने दें।
पानी और गर्म तरल पदार्थ का सेवन करें – शरीर को हाइड्रेटेड रखें। सूप, काढ़ा, गुनगुना पानी पीना फायदेमंद है।
इम्यूनिटी बढ़ाने वाला आहार लें – विटामिन-सी, फलों, सब्जियों, दालों और सूखे मेवों का सेवन करें।
धूम्रपान से दूर रहें – सिगरेट फेफड़ों को कमजोर करती है और निमोनिया का खतरा बढ़ाती है।
टीकाकरण करवाएं – फ्लू और निमोनिया के टीके बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को गंभीर संक्रमण से बचाते हैं।
बीमार लोगों से दूरी बनाए रखें – संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए मरीजों से दूरी रखें।
सर्दियों में अतिरिक्त सावधानियां:
व्यायाम और योग – हल्का व्यायाम या योग शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है।
साबुन और सैनिटाइजर का नियमित इस्तेमाल – सार्वजनिक स्थानों पर हाथों को साफ रखना संक्रमण को रोकने में मदद करता है।
घर के अंदर उचित तापमान बनाए रखें – हीटर या ब्लैंकेट का सही इस्तेमाल करना जरूरी है।
सही नींद और आराम – पर्याप्त नींद और आराम से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत रहती है।
सुपरफूड और हर्बल उपाय – हल्दी वाला दूध, अदरक की चाय और तुलसी का काढ़ा संक्रमण से लड़ने में सहायक हैं।
सर्दियों में इन सावधानियों को अपनाकर आप न सिर्फ खुद को बल्कि अपने परिवार को भी गंभीर संक्रमण से बचा सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष ध्यान रखें, क्योंकि ये समूह संक्रमण के प्रति सबसे संवेदनशील होते हैं।