बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म बिहार में खाद की कालाबाजारी पर सरकार सख्त, 449 उर्वरक लाइसेंस रद्द; 115 लोगों के खिलाफ केस दर्ज बिहार में खाद की कालाबाजारी पर सरकार सख्त, 449 उर्वरक लाइसेंस रद्द; 115 लोगों के खिलाफ केस दर्ज Bihar News: बालू के खेल में शामिल खनन निरीक्षक गिरफ्तार, DM को भी कर रहा था गुमराह Bihar News: बालू के खेल में शामिल खनन निरीक्षक गिरफ्तार, DM को भी कर रहा था गुमराह Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर बनेगी नई पॉलिसी, शिक्षा विभाग ने कमेटी गठित की Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर बनेगी नई पॉलिसी, शिक्षा विभाग ने कमेटी गठित की बिहार में दिनदहाड़े लूट की वारदात से हड़कंप, CSP संचालक को गोली मारकर 5 लाख लेकर फरार हुए बदमाश बिहार में दिनदहाड़े लूट की वारदात से हड़कंप, CSP संचालक को गोली मारकर 5 लाख लेकर फरार हुए बदमाश
06-May-2025 09:14 AM
By First Bihar
Pahalgam Terror Attack: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और भारत को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है। यह फोन कॉल तब आई जब कुछ ही घंटे पहले पाकिस्तान ने रूस से मध्यस्थता की मांग की थी। पुतिन ने कहा, "पहलगाम हमले के अपराधियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाना जरूरी है।" इस बयान ने पाकिस्तान को मुश्किल में डाल दिया है, जो पहले से ही भारत की सख्त कार्रवाइयों से परेशान है।
पुतिन ने भारत-रूस के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और इसे मजबूत करने की बात कहते हुए 80वीं विजय दिवस की बधाई स्वीकार की तथा पीएम मोदी के निमंत्रण पर 2025 में भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने पर सहमति भी जताई। यह कॉल तब हुई जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत-पाक तनाव पर चर्चा होने वाली थी। पुतिन का यह कदम भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक समर्थन माना जा रहा है, खासकर तब जब पाकिस्तान ने रूस और चीन से जांच में शामिल होने की अपील की थी।
ज्ञात हो कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें ज्यादातर पर्यटक थे। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट को जिम्मेदार ठहराया था। पुतिन का समर्थन भारत के लिए एक मजबूत कूटनीतिक जीत है। रूस ने न केवल हमले की निंदा की, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में खड़ा है। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है, जो रूस से मध्यस्थता की उम्मीद कर रहा था।
भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं, खासकर रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में। यूक्रेन संकट के दौरान भारत ने रूसी तेल खरीदकर रूस का साथ दिया था, और अब रूस का यह समर्थन दिखला रहा है कि भारत का यह दोस्त वफादार है और हमेशा की तरह किसी संकट की घड़ी में साथ निभाने को तत्पर भी। इस बात में कोई शक नहीं कि मोदी-पुतिन के बीच इस बातचीत ने पड़ोसी मुल्क के पैरों तले से जमीन खिसका दी है और अब उनका डर अपने चरम सीमा पर पहुँच गया है।