लेडी सिंघम बनीं RTO सोना चंदेल: अपने सरकारी वाहन और पति की स्कूटी का काटा चालान, कहा..कानून सबके लिए बराबर Vaibhav Suryavanshi : बिहार का 14 साल का क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी बना क्रिकेट जगत का नया सितारा, ऑफ स्पीनर अश्विन बोले- 'ये सब क्या है भाई… Where is My Train App : ट्रेन लेट से परेशान युवक का आइडिया बना करोड़ों भारतीयों का ट्रैवल साथी, Where is My Train App से भारत में ट्रेन ट्रैकिंग क्रांति ‘राम नाम से ही विपक्ष को परेशानी’..मनरेगा विवाद पर संजय सरावगी ने कसा तंज कोसी दियारा का कुख्यात बदमाश गुद्दर यादव लखीसराय से गिरफ्तार, हत्या–रंगदारी के दर्जनों मामलों में था वांछित Bihar mutation case : मंत्री डाल-डाल तो अधिकारी पात-पात, CO ने दाखिल खारिज में नजराना वसूलने का खोज लिया नया तरीका; पढ़िए क्या है पूरी खबर प्यार अंधा होता है: 3 बच्चों की मां को फुफेरे भाई से हुआ प्यार, पति और मासूम बच्चों को छोड़ प्रेमी से कर ली शादी Bihar Land Reforms Department : जमाबंदी वेरिफिकेशन को लेकर बिहार में तैनात हुए 15 बड़े अधिकारी, लिस्ट जारी; जानिए किन्हें मिला आपके जिले का प्रभार Vijay Kumar Sinha : बिहार के नगर निकायों में जमीन माफिया पर कसेगी नकेल, विजय सिन्हा का एलान; इनलोगों की भी बढ़ेगी मुश्किलें Bihar liquor ban failure : तेजस्वी के विधानसभा में शराबियों का तांडव, फास्ट फूड दुकान में मारपीट; अब पूछे जा रहे यह सवाल
05-Jan-2026 02:29 PM
By First Bihar
DESK: 23 करोड़ के टैक्स को 50 लाख रुपये करने के लिए 1.5 करोड़ की रिश्वत की डील मामले में GST अफसर प्रभा भंडारी और उनके करीबियों को गिरफ्तार किया गया है। CGST की डिप्टी कमिश्नर एवं IRS अफसर प्रभा भंडारी को गिरफ्तारी के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अब सीबीआई उनके पुराने मामलों की भी जांच कर रही हैं। प्रभा भंडारी पर अब शिकंजा कसता दिखाई दे रहा है।
जांच में सामने आया है कि एक फर्म पर करीब 23 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया था, जिसे निपटाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत में सौदेबाजी की गई। इस डील के तहत फर्म को 23 करोड़ की जगह केवल 50 लाख रुपये टैक्स जमा करना था, जिससे सरकारी राजस्व को करीब 22.5 करोड़ रुपये का नुकसान होता।
कैसे शुरू हुई डीलिंग?
18 दिसंबर को प्रभा भंडारी के नेतृत्व में सेंट्रल जीएसटी टीम ने झांसी के झोकनबाग स्थित जय दुर्गा हार्डवेयर और जय अंबे प्लाईवुड पर छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान भारी अनियमितताएं सामने आईं और करीब 13 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई। नियमों के अनुसार ब्याज और जुर्माने सहित दोनों फर्मों पर लगभग 23 करोड़ रुपये जमा करने का दबाव था।
इसी दौरान कारोबारी ने अपने वकील नरेश से संपर्क किया। वकील ने जीएसटी सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा से बातचीत की। तीनों अधिकारियों ने टैक्स की रकम कम कराने के बदले पहले 2 करोड़ रुपये की मांग की, जो बाद में 1.5 करोड़ रुपये पर तय हो गई।
विजिलेंस और CBI की कार्रवाई
इस बड़ी भ्रष्टाचार डील की भनक विजिलेंस और जांच एजेंसियों को लग गई। सबूत मिलने के बाद कार्रवाई तेज की गई। 30 दिसंबर को CBI ने 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राज मंगनानी और वकील नरेश को भी गिरफ्तार किया गया। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।
आगे की जांच
शासन के निर्देश पर अब प्रभा भंडारी की चल-अचल संपत्तियों की जांच की जा रही है। साथ ही पिछले कुछ समय में उनके द्वारा निपटाए गए अन्य टैक्स मामलों की फाइलें भी खोली जा रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस तरह की डील पहले भी की गई थीं और इसमें अन्य अधिकारी या बिचौलिए शामिल थे या नहीं।