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योगी की पुलिस का नया कारनामा, बिहारियों को मशीन सटाकर बताया बांग्लादेशी, वीडियो हो गया वायरल

गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में SHO द्वारा एक व्यक्ति की पीठ पर कथित नागरिकता जांच मशीन लगाने का वीडियो वायरल हुआ है। पुलिस ने इसे मजाकिया पूछताछ बताया, जबकि सोशल मीडिया पर मामले को लेकर विवाद छिड़ गया है।

delhi

01-Jan-2026 08:41 PM

By First Bihar

DESK: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की पुलिस का नया कारनामा सामने आया है। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बिहारियों को मशीन सटाकर कौशांबी थाने के इंस्पेक्टर नागरिकता जांचने लगे। इस दौरान उन्होंने बिहार के अररिया जिले के एक शख्स के पीठ पर मोबाइल रखा और कहा कि “मशीन बता रही है कि तुम बांग्लादेशी हो।”


गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कौशांबी थाना प्रभारी निरीक्षक अजय शर्मा एक व्यक्ति की पीठ पर कथित मशीन लगाकर उसकी नागरिकता जांचने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मशीन ने व्यक्ति को बांग्लादेशी बताया है, जबकि संबंधित व्यक्ति खुद को बिहार के अररिया जिले का निवासी बता रहा है।


वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वास्तव में ऐसी कोई मशीन मौजूद है, जिससे किसी व्यक्ति की नागरिकता की पहचान की जा सकती है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे पुलिस द्वारा दबाव बनाने या मजाकिया अंदाज में की गई कार्रवाई बताया है।


मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला 23 दिसंबर का है। उस दिन कौशांबी थाना क्षेत्र के भोवापुर स्लम्स और बिहारी मार्केट इलाके में पुलिस ने आरआरएफ और सीआरपीएफ के साथ मिलकर सघन तलाशी अभियान चलाया था। यह अभियान रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के उद्देश्य से चलाया गया था, जिसे ‘ऑपरेशन टॉर्च’ नाम दिया गया था।


इस दौरान झुग्गियों में रहने वाले लोगों के पहचान पत्रों की जांच की जा रही थी। वायरल वीडियो इसी सर्च और चेकिंग अभियान के दौरान का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पूछताछ के दौरान थाना प्रभारी मजाकिया या दबाव बनाने वाले अंदाज में कथित मशीन से नागरिकता जांचने की बात करते हैं और फिर मशीन द्वारा बांग्लादेशी बताए जाने का दावा किया जाता है।


मामले पर सफाई देते हुए एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि यह कोई तकनीकी या वैज्ञानिक जांच नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस झुग्गियों में रहने वाले लोगों की पहचान सत्यापित करने के लिए सर्च और चेकिंग अभियान चला रही थी। पूछताछ के दौरान कई बार अलग-अलग तरीकों से सवाल किए जाते हैं, ताकि सही जानकारी सामने आ सके।


वीडियो के वायरल होने के बाद इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेता साकेत गोखले ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह इस प्रकरण को लेकर गाजियाबाद पुलिस को नोटिस भेजेंगे। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर पुलिस महकमे में भी चर्चा जारी है और सोशल मीडिया पर यह मामला जिज्ञासा, आलोचना और बहस का विषय बना हुआ है।