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29-Nov-2025 10:22 AM
By First Bihar
Tejashwi Yadav : बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब राज्य विधानसभा के पहले सत्र की तिथि निर्धारित कर दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार के गठन के बाद यह सत्र 1 दिसंबर से शुरू होगा और 5 दिसंबर तक चलेगा। सत्र के पहले दिन नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह से शुरुआत होगी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष का चयन, राज्यपाल का अभिभाषण और सरकार से जुड़े वित्तीय एवं अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा होगी।
सूत्रों के अनुसार, सत्र को लेकर महागठबंधन शनिवार को रणनीति तैयार करेगा। इस दिशा में राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव की अध्यक्षता में दोपहर एक बजे पोलो रोड स्थित आवास पर पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक होगी। इस बैठक में राजद के सभी 25 जीते हुए विधायक मौजूद रहेंगे। इसके बाद कांग्रेस और वामदलों के नव-निर्वाचित विधायक भी पोलो रोड पर पहुंचेंगे। संयुक्त बैठक में विपक्ष की रणनीति तय की जाएगी ताकि विधानसभा में महागठबंधन मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा सके।
राजद ने पहले ही तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष के रूप में चयन कर लिया है। इसकी औपचारिक अधिसूचना विधानसभा में दी जाएगी। महागठबंधन का लक्ष्य सदन में सरकार के सामने एक प्रभावशाली और संगठित विपक्ष प्रस्तुत करना है। इसके लिए शनिवार को होने वाली बैठक में स्पष्ट रणनीति तैयार की जाएगी।
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राजद की समीक्षा बैठकों का दौर लगातार जारी है। शुक्रवार को पूर्णिया प्रमंडल के नेताओं और प्रत्याशियों की बैठक हुई। इस बैठक में हारे और जीते उम्मीदवारों ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में उम्मीदवारों ने चुनाव के दौरान हुई भितरघात की जानकारी भी दी। बताया गया कि मगध और सारण प्रमंडल की तरह पूर्णिया प्रमंडल से भी भितरघात करने वालों की सूची प्रदेश नेतृत्व को भेजी गई है। पिछले तीन दिनों में तीन प्रमंडलों से लगभग 300 से अधिक भितरघातियों की सूची मिल चुकी है।
बैठक में महिलाओं को चुनाव में दी गई वित्तीय सहायता पर भी चर्चा हुई। इसके तहत हरेक महिला को 10-10 हजार रुपये की राशि दी गई थी। इसके अलावा, जीविका दीदियों की भूमिका और उनके योगदान को भी विशेष रूप से साझा किया गया। बैठक में यह भी कहा गया कि चुनाव में ग्रामीण और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी महागठबंधन की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
सत्र को लेकर विपक्ष की रणनीति तैयार करने की प्रक्रिया में शनिवार को कोसी प्रमंडल की समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में भी हार और जीत के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा और आगामी विधानसभा सत्र में विपक्ष की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर विचार किया जाएगा।
राजद और उसके सहयोगी दलों की यह रणनीति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि विधानसभा में एनडीए की नई सरकार बहुमत में है। ऐसे में विपक्ष के लिए संगठित और योजनाबद्ध रूप से कार्य करना आवश्यक है। विपक्ष का यह प्रयास सदन में सरकार के निर्णयों पर संतुलित और ठोस सवाल उठाने के लिए किया जा रहा है।
विधानसभा सत्र के दौरान वित्तीय मामलों, राज्य की नीतियों और विकास कार्यों पर भी चर्चा होगी। वहीं, सरकार की ओर से प्रस्तुत विभिन्न विधायी प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा। विपक्ष इस सत्र में जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और सरकार की योजनाओं का विश्लेषण करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
राजद के लिए यह समय रणनीति और संगठन को मजबूत करने का भी अवसर है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में तेजस्वी यादव की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उनकी अगुवाई में विपक्ष सदन में सक्रिय रहेगा और सरकार को जवाबदेह बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ेगा।
इस प्रकार, बिहार विधानसभा का पहला सत्र राज्य की नई सरकार और विपक्ष दोनों के लिए निर्णायक साबित होने जा रहा है। महागठबंधन की रणनीति और तैयारियां इस सत्र की दिशा और प्रभाव को तय करेंगी। विपक्ष की बैठकें और प्रमंडलों में समीक्षा की गई रिपोर्टें इसकी तैयारी की गहनता को दर्शाती हैं।