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16-Nov-2025 08:41 AM
By First Bihar
Rameez Nemat : बिहार चुनाव नतीजों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में छिड़ा विवाद अब एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने जिस शख्स रमीज नेमत पर उन्हें परिवार से बाहर करने, संगठन को गुमराह करने और पार्टी की गिरती स्थिति का जिम्मेदार ठहराया है, वह अब चर्चा के केंद्र में आ गया है। सवाल यह है—आखिर कौन है रमीज नेमत और कैसे वह तेजस्वी यादव की ‘कोर टीम’ तक पहुंच गया?
तेजस्वी यादव की टीम का अहम हिस्सा
बीते दो वर्षों से रमीज नेमत तेजस्वी यादव की राजनीतिक रणनीति के बेहद नजदीक रहे हैं। चुनाव प्रचार, बूथ मैनेजमेंट और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे कामों में वह तेजस्वी की ‘इनर सर्किल’ में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। इस बार तो उन्हें तेजस्वी के चुनावी ‘वार रूम’ की कमान तक सौंप दी गई थी। यही वजह है कि RJD परिवारिक विवाद के बीच रमीज का नाम अचानक उभरने के बाद विभिन्न राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई।
उत्तर प्रदेश से है गहरा कनेक्शन
रमीज नेमत मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से जुड़े हुए हैं, जो नेपाल सीमा से सटा एक सेंसिटिव इलाका है। उनके पिता का नाम नियमतुल्लाह खान है। लेकिन रमीज को राजनैतिक पहचान में सबसे बड़ी भूमिका उनके ससुर की है।
ससुर हैं यूपी के बाहुबली पूर्व सांसद रिजवान जहीर
रमीज नेमत की शादी समाजवादी पार्टी (SP) के बाहुबली नेता और बलरामपुर के पूर्व सांसद रिजवान जहीर की बेटी जेबा रिजवान से हुई है। यह रिश्ता रमीज को सिर्फ बलरामपुर की राजनीति नहीं बल्कि समाजवादी राजनीति के नजदीक लाता है। यही कारण है कि रमीज, रिजवान जहीर के साथ कई बार अखिलेश यादव के संपर्क में भी देखे जाते रहे हैं।
तेजस्वी और रमीज के बीच एक और समानता बताई जाती है—दोनों एक समय एक ही क्रिकेट क्लब में भी खेल चुके हैं। इसी निजी परिचय ने रमीज को तेजस्वी की टीम में जगह दिलाई और धीरे-धीरे उनका दखल बढ़ता गया।
फिरोज ‘पप्पू’ हत्याकांड से जुड़ा विवाद
रमीज का नाम सुर्खियों में आने का सबसे बड़ा कारण है—4 जनवरी 2022 को तुलसीपुर नगर पंचायत के चेयरमैन फिरोज उर्फ पप्पू की गोली मारकर हत्या। इस हत्या के पीछे राजनीतिक अदावत को वजह बताया जाता है। माना जाता है कि पूर्व सांसद रिजवान जहीर अपनी बेटी जेबा रिजवान को तुलसीपुर नगर पंचायत का चेयरमैन बनाना चाहते थे, लेकिन चुनाव में फिरोज पप्पू की पत्नी ने जीत दर्ज कर उनकी योजना ध्वस्त कर दी। इसी रंजिश में हत्या की वारदात को अंजाम दिए जाने का आरोप लगा।
जेल भेजे गए थे रमीज, जेबा और रिजवान जहीर
हत्या मामले में यूपी पुलिस ने सपा नेता रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस समय रिजवान जहीर अभी भी जेल में बंद हैं, जबकि रमीज नेमत और जेबा रिजवान जमानत पर बाहर चल रहे हैं।
12 मुकदमों में आरोपी
रमीज नेमत पर बलरामपुर के तुलसीपुर और कौशाम्बी जिले के कोखराज थाने में हत्या, गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 12 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों के बावजूद उनका तेजस्वी यादव की कोर टीम में बने रहना कई सवाल खड़े करता है। इन्हीं पृष्ठभूमियों को देखते हुए रोहिणी आचार्य ने रमीज को RJD संगठन के लिए “खतरनाक” बताते हुए उन पर परिवार के भीतर फूट डालने, गलत जानकारी पहुंचाने और तेजस्वी को भटकाने का आरोप लगाया है।
लखनऊ से पटना तक हलचल
रमीज के नाम के उछलने के बाद न सिर्फ बिहार बल्कि उत्तर प्रदेश की सियासत में भी हलचल मची है। माना जा रहा है कि रमीज बीते दो वर्षों में सपा के बाहुबली कनेक्शन और तेजस्वी के साथ अपनी बढ़ती नजदीकियों का उपयोग कर बलरामपुर तथा आसपास की राजनीति में अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे।
उनकी भूमिका को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा बढ़ गई है कि क्या RJD नेतृत्व पार्टी के भीतर बाहरी तत्वों के प्रभाव में आ रहा है? क्या रमीज की मौजूदगी ने RJD के रणनीतिक फैसलों को प्रभावित किया? क्या बिहार चुनाव में RJD की स्थिति पर इसका असर पड़ा?
तेजस्वी पर बढ़ी दबाव की राजनीति
परिवारिक विवाद में रमीज का नाम आने के बाद अब तेजस्वी यादव पर भी दबाव बढ़ रहा है कि वह स्पष्ट करें कि रमीज की क्या भूमिका थी, वह कैसे उनकी रणनीतिक टीम का हिस्सा बने और उन पर लगे आरोपों के बावजूद उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ क्यों दी गईं।
बिहार की राजनीति में रमीज नेमत का उभार बताता है कि सियासत में हर रिश्ते और संपर्क की कीमत होती है। लेकिन अब, जब परिवारिक विवाद खुलकर सामने आ चुका है, रमीज का नाम आने से RJD नेतृत्व की विश्वसनीयता और तेजस्वी के निर्णयों पर सवाल खड़े हो गए हैं।