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12-Nov-2025 09:08 AM
By First Bihar
Bihar Elections 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का मतदान पूरी तरह समाप्त हो गया है। अब सभी की निगाहें 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब स्पष्ट हो जाएगा कि किसे बहुमत मिला है और कौन सरकार बनाएगा। मतदान खत्म होते ही कई एजेंसियों ने एक्जिट पोल के आंकड़े जारी किए, जो चुनाव के शुरुआती रुझान को लेकर संकेत देते हैं।
एक्जिट पोल एक तरह का सर्वे है, जो मतदान समाप्त होते ही किसी क्षेत्र के वोटरों से पूछताछ करके अनुमानित सीटों की संख्या बताता है। हालांकि ये आंकड़े केवल प्रारंभिक संकेत होते हैं और अंतिम परिणाम से पहले इन्हें पूरी तरह सटीक नहीं माना जा सकता। लेकिन बिहार चुनाव 2025 के लिए जारी किए गए एक्जिट पोल ने साफ इशारा दिया है कि एनडीए इस बार भी राज्य में मजबूत स्थिति में है।
न्यूज18 के मेगा एक्जिट पोल के अनुसार, 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए गठबंधन को 140 से 150 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं, विपक्षी महागठबंधन को 85 से 95 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। जन सुराज को 0 से 5 और अन्य दलों को 5 से 10 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। पार्टीवार विश्लेषण में भी यह स्पष्ट हुआ है कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू इस बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। जेडीयू को 60 से 70 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि भाजपा को 55-65 सीटें, चिराग पासवान की LJPR को 10-15 सीटें और उपेंद्र कुशवाहा की RLM व HAM को 0-5 सीटें मिलने का अनुमान है।
महागठबंधन में राजद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है और उसे 50-60 सीटें मिलने की संभावना है। कांग्रेस को 15-20, CPIML को 10-15 और अन्य छोटी पार्टियों को सीमित सीटें मिलने का अनुमान है। VIP और CPI, CPM जैसे दलों को भी 0-5 सीटों का ही अनुमान दिखाया गया है। IIP को इस बार कोई सीट नहीं मिलने का पूर्वानुमान है।
एक्जिट पोल तैयार होते समय कई एजेंसियां मतदान केंद्रों पर जाकर या वोटरों से सीधे बात करके आंकड़े इकट्ठा करती हैं। वहीं, कई बार ये अनुमान वास्तविक परिणाम से भिन्न भी हो सकते हैं। इस बार भी कई विधानसभा क्षेत्र ऐसे थे, जैसे पूर्णिया का सदर, कदवा और किसनगंज के कई हिस्से, जहां मतदान लगभग 7 बजे तक जारी रहा। ऐसे क्षेत्रों के आंकड़े एक्जिट पोल में शामिल नहीं हो सकते, इसलिए अंतिम परिणाम अलग भी हो सकते हैं।
एक्जिट पोल इस बार राजनीतिक पार्टियों के लिए अहम संकेत हैं। एनडीए को अपने गठबंधन की ताकत और समर्थन का भरोसा मिलता है, जबकि महागठबंधन के लिए ये आंकड़े यह दिखाते हैं कि उसे कुछ सीटों पर अच्छी पकड़ बनी हुई है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। एनडीए को उम्मीद है कि सत्ता में वापसी होगी और नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार फिर से बनेगी, जबकि महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में नई सरकार बनाने का दावा कर रहा है।
एक्जिट पोल के आंकड़े सामाजिक और राजनीतिक रुझानों का भी संकेत देते हैं। यह दिखाता है कि जनता ने पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार की नीतियों और प्रदर्शन पर क्या प्रतिक्रिया दी। जेडीयू और भाजपा के बीच सीटों का बंटवारा, महागठबंधन के लिए चुनौतियां, और क्षेत्रीय दलों की भूमिका एक्जिट पोल से साफ दिखाई देती है। इसके अलावा, इन आंकड़ों से चुनावी रणनीतियों पर भी असर पड़ता है। पार्टियां अपने प्रचार और गठबंधन की तैयारियों को इन संकेतों के आधार पर समायोजित कर सकती हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि एक्जिट पोल केवल अनुमानों पर आधारित हैं। अंतिम और आधिकारिक नतीजे 14 नवंबर को ही सामने आएंगे, जब वोटों की गिनती पूरी होगी। तब ही स्पष्ट होगा कि कौन बहुमत के साथ सरकार बनाने में सफल होगा और किन दावों में वास्तविकता कितनी थी। इस बार की वोटिंग में उच्च मतदान प्रतिशत और विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय मतदाता भागीदारी ने चुनावी परिदृश्य को और रोमांचक बना दिया है। बिहार चुनाव 2025 में एक्जिट पोल ने शुरुआती संकेत तो दे दिए हैं, लेकिन अंतिम निर्णय जनता के मत और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, और अब सभी की निगाहें शुक्रवार को आने वाले परिणाम पर हैं।