बिहार में 6 अप्रैल से स्कूल का नया टाइमटेबल: 7 बजे से पहले बजेगी घंटी चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर ब्लास्ट से हड़कंप, जांच में जुटीं पुलिस करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा टेंट हाउस के मालिक पर नाबालिग के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप, आक्रोशित लोगों ने घर के बाहर किया हंगामा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी बिहार के इस जिले में नई चीनी मिल...100 एकड़ भूमि चिन्हित, गन्ना उद्योग विभाग के ACS ने जमीन का किया निरीक्षण IPS अंशिका की मेहंदी में छिपा प्यार का राज… हथेली पर ‘KRISHNA’ नाम ने लूटी महफिल डबल इंजन की सरकार में डिजिटल प्लेटफॉर्म से बदलेगा नर्सिंग शिक्षा का चेहरा: मंगल पांडेय रील का जुनून बना जानलेवा… चलती ट्रेन से गिरकर 17 साल के नाबालिग की मौत, घर में पसरा मातम मगरमच्छ ने बाघ के बच्चे को बनाया शिकार, पोस्टमार्टम के बाद होगा अंतिम संस्कार
23-Jan-2025 11:15 AM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बड़ी खबर पश्चिम चंपारण से निकलकर सामने आ रही है, जहां स्पेशल विजिलेंस इकाई यानी एसवीयू की टीम ने सुबह सुबह बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। डीईओ के खिलाफ आय़ से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगा है। जानकारी के मुताबिक, डीईओ के ठिकानों से भारी मात्रा में कैश मिला है। कैश इतना अधिक है कि उसके लिए नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी है।
दरअसल, स्पेशल निगरानी इकाई को बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की लगातार शिकायत मिल रही थी। शुरुआती जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने के बाद एसवीयू ने कोर्ट से अनुमति मांगी और कोर्ट के आदेश के बाद स्पेशल विजिलेंस की टीम ने गुरुवार की सुबह डीईओ के ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी शुरू कर दी। सुबह सुबह छापेमारी से जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीमें एकसाथ डीईओ के कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा विभाग के कई और अधिकारी भी विजिलेंस की रडार पर हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी के आवास पर पिछले एक घंटे से छापेमारी चल रही है। डीईओ रजनीकांत प्रवीण के बसंत विहार आवास पर छापेमारी की जा रही है। भारी मात्रा में कैश मिलने के बाद नोट गिनने की मशीन में अंदर ले गई है।
स्पेशल विजिलेंस इकाई की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, एसवीयू को खबर मिली थी कि बेतिया के जिला शिक्षा अधिकारी रजनी कांत प्रवीण 2005 से अब तक की अवधि के दौरान अवैध रूप से भारी चल और अचल संपत्ति अर्जित की है। रुपये का लगभग 1,87,23,625/- जो उनकी आय से अधिक है।
रजनी कांत प्रवीण बिहार शिक्षा सेवा के 45वें बैच के अधिकारी हैं। वह वर्ष 2005 में सेवा में शामिल हुए और दरभंगा, समस्तीपुर और बिहार के अन्य जिलों में शिक्षा अधिकारी के रूप में काम किया। उनकी कुल सेवा अवधि लगभग 19-20 वर्ष है। रजनी कांत प्रवीण की पत्नी सुष्मा कुमारी एक संविदा शिक्षिका थीं, जिन्होंने अपनी सेवा छोड़ दी थी और वर्तमान में ओपन माइंड बिड़ला स्कूल, दरभंगा के निदेशक/वास्तविक मालिक के रूप में कार्य कर रही हैं और रजनी कांत प्रवीण के अवैध रूप से अर्जित धन के वित्तीय समर्थन/निवेश के साथ इस संस्थान को चला रही हैं।
एसवीयू के मुताबिक, रजनी कांत प्रवीण और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर पटना, दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर में कई करोड़ रुपये की जमीन/फ्लैट हैं। जिसकी कीमत 2,92,92,225 रुपए के करीब है। रजनी कांत प्रवीण और उनकी पत्नी ने अवैध तरीके से कमाई की है। जो या तो उसके स्वयं के नाम पर या उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर, जो कि भ्रष्ट और अवैध तरीकों से अवैध रूप से अर्जित किया गया है।