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10-Sep-2025 09:12 AM
By First Bihar
Bihar News: खबर बिहार के मोतिहारी से है, जहां पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो साइबर फ्रॉड को चोरी की बाइक के साथ एक साइबर कैफे से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि कैफे ने दोनों ठगों की पहचान कर इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष ने तत्परता दिखाते हुए छापेमारी कर दोनों को पकड़ लिया। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने दोनों से गहन पूछताछ की और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक, नगर थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि दो साइबर ठग एक साइबर कैफे में चोरी किए गए मोबाइल के सिम को एक्टिवेट कर यूपीआई आईडी बनाकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। ये लोग पहले मोबाइल की चोरी या झपट्टा मारकर छीनते थे, उसके बाद उस मोबाइल के सिम को यूपीआई पर एक्टिवेट कर लेते थे।
इस संबंध में सदर एसडीपीओ दिलीप सिंह ने बताया कि इसके बाद यह किसी भी साइबर कैफे में पहुंचकर गूगल पे या अन्य यूपीआई माध्यम से ऑनलाइन भुगतान कर नकद पैसे ले लेते थे और मौके से फरार हो जाते थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपित मोतिहारी के ढाका इलाके के रहने वाले हैं और अब तक कई दर्जनों लोगों को अपने झांसे में लेकर लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
वहीं, DIOU की टीम ने साइबर पुलिस की मदद से उनके बैंक खातों की जांच कर उन्हें फ्रीज कर दिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार ठग चोरी की बाइक और मोबाइल के सहारे करोड़ों रुपये का खेल खेल चुके हैं। एसडीपीओ ने बताया कि इनकी करतूत काफी दिनों से पुलिस की निगरानी में थी। दोनों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला गया, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि ये संगठित तरीके से चोरी और साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। अब पुलिस इनके अन्य साथियों की भी तलाश कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो सके। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर के साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
लगातार बढ़ रही साइबर ठगी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है। नगर थाना पुलिस का कहना है कि आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देनी चाहिए, ताकि ऐसे अपराधियों पर समय रहते शिकंजा कसा जा सके।
पूर्वी चम्पारण से सोहराब आलम की रिपोर्ट