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18-Jan-2025 07:48 PM
By First Bihar
UP: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के पड़री थाना क्षेत्र स्थित राम जानकी मंदिर से 14 जनवरी को चोरी हुई करोड़ों रुपये की अष्टधातु की मूर्ति को पुलिस ने बरामद कर लिया है। इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मूर्ति की चोरी खुद मंदिर के पुजारी वंशीदास ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पुजारी ने मंदिर की संपत्ति पर अपना अधिकार जमाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। उसने प्रयागराज के समाजवादी पार्टी के एक नेता राम बहादुर पाल और उसके साथियों की मदद से मूर्ति को चुराकर हैमाई पहाड़ी मंदिर में छिपा दिया था।
मंदिर की संपत्ति को लेकर पुजारी वंशीदास और महंत जयराम दास के बीच विवाद चल रहा था। पुजारी ने अपनी योजना को अंजाम देने के लिए समाजवादी पार्टी के नेता राम बहादुर पाल और उसके साथियों की मदद ली। चोरी गई मूर्ति की कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने पुजारी वंशीदास, समाजवादी नेता राम बहादुर पाल, उसके ड्राइवर लवकुश पाल और मुकेश कुमार सोनी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने मंदिर के पुजारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंची और मूर्ति को बरामद कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने सबसे पहले सुनार को बुलाकर मूर्तियों की जांच कराई थी। जब मूर्तियां बेशकीमती निकलीं, तो उन्होंने उन्हें चोरी करवा दिया।
