कटिहार में शर्मनाक कांड: नशे में धुत अर्धनग्न मिले डॉक्टर, ड्यूटी के दौरान किया हंगामा एक झटके में बुझ गया घर का चिराग… ट्रक से टक्कर में 23 साल के युवक की दर्दनाक मौत “नए सीएम के सिर पर होगा कांटों का ताज” – जेडीयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा का बड़ा बयान CO की हड़ताल के बीच डिप्टी CM का भूमि सुधार जन कल्याण संवाद, विजय सिन्हा 2 तारीख को इस शहर में सुनेंगे जमीन से जुड़ी समस्या CO की हड़ताल के बीच डिप्टी CM का भूमि सुधार जन कल्याण संवाद, विजय सिन्हा 2 तारीख को इस शहर में सुनेंगे जमीन से जुड़ी समस्या Bihar Ias Posting: नीतीश सरकार ने 11 ट्रेनी IAS अफसरों को जिला अलॉट किया, बनाए गए सहायक समाहर्ता, लिस्ट देखें.... जंगल का शिकारी खुद बना शिकार… VTR में मगरमच्छ के हमले से बाघ की मौत, बढ़ते खतरे ने बढ़ाई चिंता बचाने की कोशिश तो नहीं ? गाड़ी महिला MVI की...वसूली करने वाला खास रिश्तेदार, पुलिस ने गाड़ी जब्त की...भतीजे को जेल भेजा, पर अफसर पर एक्शन के लिए 'जांच टीम' पहले ही मैच में मचाया धमाल… 22 साल के कॉनली की पारी देख चहल भी बोले– ये बनेगा IPL 2026 का सबसे बड़ा स्टार! पति की हत्या के बाद दो बेटों के साथ जहर खाने वाली महिला की मौत, बच्चों की हालत अब भी नाजुक
07-Mar-2025 08:21 AM
By Dhiraj Kumar Singh
Bihar News : कहते है बच्चे भगवान का रूप होते है और अगर भगवान रूपी पांच साल की बच्ची से कोई रेप करे तो आप इसे हैवानियत की पराकाष्ठा कह सकते है। ऐसी ही हैवानियत जमुई के खैरा थाना क्षेत्र अंतर्गत खुटौना गांव में 16 मार्च 2019 को घटी थी।
आपको बता दें महज पांच साल की बच्ची से एक किशोर ने चॉकलेट देने के बहाने से रेप किया था। जिसको लेकर खैरा थाना में दिनांक 25 मार्च 2019 को एक FIR दर्ज की गई थी। इस कांड को लेकर 16 अप्रैल 2019 को किशोर न्याय परिषद जमुई में पहली सुनवाई हुई थी। जिसके महज 14 दिनों बाद ही आरोपी किशोर को बेल दे दिया गया था।
इस मामले को लेकर किशोर न्याय परिषद में लगभग छह साल सुनवाई चली। जिसके बाद इस कांड को लेकर अंतरिम फैसला सुनाते हुए किशोर न्याय परिषद ने उक्त आरोपी किशोर को तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही पीड़ित बच्ची को छह लाख मुआवजा देने का भी आदेश किशोर न्याय परिषद द्वारा दिया गया।
ताकि पीड़ित बच्ची को इस सदमे से बाहर निकलने में मदद मिल सके। इस कांड की सुनवाई के दौरान किशोर न्याय परिषद को कई बाधाओं का भी सामना करना पड़ा। लेकिन आखिरकार न्याय के तराजू पर पीड़ित बच्ची का पलड़ा भारी हुआ और बच्ची को न्याय मिला।
इस कांड में दोषी को सजा दिलाने में किशोर न्याय परिषद की प्रधान मजिस्ट्रेट नेहा त्रिपाठी के अलावा सदस्य गौतम कुमार सिंह एवं पूजा कुमारी की अहम भूमिका सामने आई है।
जिसके ही कारण छह साल के बाद ही सही पीड़ित बच्ची को इंसाफ मिला और उक्त आरोपी किशोर को तीन साल की सजा सुनाई गई और आज यह हैवान जमुई जेल में अपनी गुनाहों की सजा काट रहा है। इस प्रकरण से साफ जाहिर है कि कानून के हाथ लंबे ही नहीं बल्कि बहुत मजबूत होते है।
देर से ही सही लेकिन कानून का हथौड़ा जब पड़ता है तो अच्छे-अच्छों की हेकड़ी गुम हो जाती है। बहरहाल इस कांड को लेकर किशोर न्याय परिषद की जितनी प्रशंसा की जाए वो कम है। क्योंकि देर से ही सही लेकिन एक पीड़ित बच्ची को इंसाफ मिला और आज उसका गुनाहगार सलाखों के पीछे है।