सहरसा कोर्ट का अनोखा फैसला: फर्जी दस्तावेज मामले में आरोपी को मिली जमानत, 6 महीने मंदिर में सेवा की शर्त महाशिवरात्रि और होली से पूर्व हाई अलर्ट: डीजे पर रोक शराबबंदी पर सख्ती बिहार में सिलेंडर हादसा: भांजे की छठ्ठी में मधुबनी में मामा झुलसा, गयाजी में धमाके से 3 घर जलकर राख मोतिहारी में सूखा नशा के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्मैक-गांजा के साथ महिला गिरफ्तार होली को लेकर एक्शन में पुलिस, सिविल ड्रेस में शराब तस्करों के ठिकानों पर कर रही रेड, जमुई में बाप-बेटे को दबोचा बिहार में अपराधियों का तांडव: समस्तीपुर में ज्वेलरी शॉप में करोड़ों की लूट, फायरिंग करते फरार हुए अपराधी प्रेमचंद रंगशाला में ‘सरगम’ की गूंज: श्रैफिकुलम विद्या बोधि स्कूल का भव्य वार्षिक समारोह Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने ‘प्रेग्नेंट करो और पैसे कमाओ’, बिहार में साइबर अपराधियों का हैरान करने वाला ऑफर; युवकों को भेजते थे हॉट महिलाओं की तस्वीर
07-Mar-2025 08:21 AM
By Dhiraj Kumar Singh
Bihar News : कहते है बच्चे भगवान का रूप होते है और अगर भगवान रूपी पांच साल की बच्ची से कोई रेप करे तो आप इसे हैवानियत की पराकाष्ठा कह सकते है। ऐसी ही हैवानियत जमुई के खैरा थाना क्षेत्र अंतर्गत खुटौना गांव में 16 मार्च 2019 को घटी थी।
आपको बता दें महज पांच साल की बच्ची से एक किशोर ने चॉकलेट देने के बहाने से रेप किया था। जिसको लेकर खैरा थाना में दिनांक 25 मार्च 2019 को एक FIR दर्ज की गई थी। इस कांड को लेकर 16 अप्रैल 2019 को किशोर न्याय परिषद जमुई में पहली सुनवाई हुई थी। जिसके महज 14 दिनों बाद ही आरोपी किशोर को बेल दे दिया गया था।
इस मामले को लेकर किशोर न्याय परिषद में लगभग छह साल सुनवाई चली। जिसके बाद इस कांड को लेकर अंतरिम फैसला सुनाते हुए किशोर न्याय परिषद ने उक्त आरोपी किशोर को तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही पीड़ित बच्ची को छह लाख मुआवजा देने का भी आदेश किशोर न्याय परिषद द्वारा दिया गया।
ताकि पीड़ित बच्ची को इस सदमे से बाहर निकलने में मदद मिल सके। इस कांड की सुनवाई के दौरान किशोर न्याय परिषद को कई बाधाओं का भी सामना करना पड़ा। लेकिन आखिरकार न्याय के तराजू पर पीड़ित बच्ची का पलड़ा भारी हुआ और बच्ची को न्याय मिला।
इस कांड में दोषी को सजा दिलाने में किशोर न्याय परिषद की प्रधान मजिस्ट्रेट नेहा त्रिपाठी के अलावा सदस्य गौतम कुमार सिंह एवं पूजा कुमारी की अहम भूमिका सामने आई है।
जिसके ही कारण छह साल के बाद ही सही पीड़ित बच्ची को इंसाफ मिला और उक्त आरोपी किशोर को तीन साल की सजा सुनाई गई और आज यह हैवान जमुई जेल में अपनी गुनाहों की सजा काट रहा है। इस प्रकरण से साफ जाहिर है कि कानून के हाथ लंबे ही नहीं बल्कि बहुत मजबूत होते है।
देर से ही सही लेकिन कानून का हथौड़ा जब पड़ता है तो अच्छे-अच्छों की हेकड़ी गुम हो जाती है। बहरहाल इस कांड को लेकर किशोर न्याय परिषद की जितनी प्रशंसा की जाए वो कम है। क्योंकि देर से ही सही लेकिन एक पीड़ित बच्ची को इंसाफ मिला और आज उसका गुनाहगार सलाखों के पीछे है।