Bihar police news: बिहार के कैमूर जिले में एक पारिवारिक मामला को लेकर  कोर्ट ने करवाई करते  हुए चांद थाना के थानेदार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश जारी किया  है |यह निर्देश भभुआ परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विवेक कुमार ने जिले के( SP)को दिया है , लिहाजा  पुलिस प्रशासन में हलचल मची हई है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, एक महिला ने अपने पति के खिलाफ भरण-पोषण राशि न देने की शिकायत कोर्ट में की थी। इस पर न्यायालय ने पहले पति की चल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था, हालाँकि ,आरोपी ने इस आदेश को नजरअंदाज कर दिया।अब मामला जब पुलिस के पास  पहुंचा, तो कोर्ट ने चांद थाना के थानेदार को इस आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश पारित कर दिए ।

थानेदार ने क्यों फंसाई अपनी गर्दन?

कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद चांद थानेदार ने आरोपी की संपत्ति कुर्क नहीं की और न ही गैर-जमानती वारंट के अनुपालन की रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी। इतना ही नहीं, जब उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा गया, तब भी उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया।अब जब कोर्ट ने दिखाई सख्ती और  एसपी को दे  दिए निर्देश

थानेदार की लगातार अनदेखी से नाराज कोर्ट ने पहले तो स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला,तब इसके बाद न्यायालय ने उनके खिलाफ अवमानना का मामला दर्ज किया, बावजूद इसके, थानेदार पेश नहीं हुए। आखिरकार, कोर्ट ने एसपी को आदेश दिया कि वे चांद थानेदार को गिरफ्तार कर 5 मार्च तक कोर्ट में पेश करें।

पुलिस प्रशासन में हड़कंप

कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आमतौर पर पुलिस प्रशासन कानूनी आदेशों को लागू कराने के लिए जिम्मेदार होता है, लेकिन जब खुद एक अधिकारी ही कानून की अवहेलना इस तरह से करेंगे , तो न्यायपालिका को कड़ा कदम उठाना ही पड़ता है। अब सभी की  निगाहें इस पर टिकी हैं कि एसपी कोर्ट के आदेश का पालन कैसे और कब तक करते हैं।