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15-Jan-2025 10:04 PM
By First Bihar
patna crime news: 14 NOV. 2006 को कृषि विभाग के प्रशाखा पदाधिकारी राजनंदन कुमार श्यामला निगरानी के हत्थे चढ़े थे। विजिलेंस की टीम ने पीड़ित की शिकायत पर घूस लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा था। आज उन्हें निगरानी कोर्ट की विशेष कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
विशेष न्यायाधीश (निगरानी),पटना ने राजनंदन कुमार श्यामला, प्रशाखा पदाधिकारी (कृषि विभाग), न्यू सचिवालय, पटना को निगरानी थाना कांड संख्या 78/06 (विशेष मामला संख्या 65/06) में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 / 13 (2) सहपठित धारा 13 (1) (d) के तहत दोषी ठहराया।
राजनंदन कुमार श्यामला को धारा 7 के तहत 6 महीने की कारावास और 5,000 (पाँच हजार रुपये) के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा, उन्हें धारा 13 (2) सहपठित धारा 13 (1) (d) के तहत दो साल के कठोर कारावास और 5,000 (पाँच हजार रुपये) के जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएँ साथ-साथ चलेंगी।
मामला राजनंदन कुमार श्यामला द्वारा शिकायतकर्ता विनोद कुमार सर्राफ से उनके उर्वरक लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन की प्रक्रिया के लिए 60,000 (साठ हजार रुपये) घूस मांगने से जुड़ा है। आरोपी को 14 नवंबर, 2006 को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा ट्रैप ऑपरेशन के दौरान रंगे हाथों पकड़ा गया था।
इस मामले की अनुसंधान पुलिस निरीक्षक शशि भूषण पांडे द्वारा की गई, जिन्होंने सटीक और समय पर चार्जशीट दायर करवाई। बिहार सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार सिंह ने प्रभावी तरीके से पैरवी की और आरोपी को दोषी सिद्ध कराने में सफलता प्राप्त की।