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14-Jan-2026 03:20 PM
By FIRST BIHAR
CMFS Bihar: मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना (CMFS) के चौथे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 16 जनवरी से शुरू होगी और 31 जनवरी तक चलेगी। इस चरण में आईआईएम बोधगया कुल 121 योग्य फेलो का चयन करेगा, जिन्हें राज्य सरकार के नीति निर्माण और क्रियान्वयन से जोड़ा जाएगा। चयनित फेलो को दो वर्ष की अवधि के लिए प्रशासनिक कार्यों में योगदान देने का अवसर मिलेगा।
इसकी जानकारी आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनीता सिंह सहाय ने बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और आईआईएम बोधगया के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने बताया कि 27 नवंबर 2025 को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और आईआईएम बोधगया के बीच तीन वर्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके तहत यह चयन प्रक्रिया की जा रही है।
डॉ. सहाय ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली और अनुभवी युवाओं को शासन की नीतियों के निर्माण, क्रियान्वयन और मूल्यांकन से जोड़ना है, ताकि प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हो और राज्य के विकास को गति मिले। फेलोशिप की कुल अवधि दो वर्ष की होगी।
चयनित 121 फेलो को पहले आईआईएम बोधगया में 40 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद इन्हें नगर निगम, जिला समाहरणालय, प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, सचिवालय के विभिन्न विभागों, विकास आयुक्त कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, उपमुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालयों में संबद्ध किया जाएगा। मुख्यमंत्री सचिवालय में कुल चार फेलो की तैनाती की जाएगी।
फेलो को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर 80 हजार से 1.50 लाख रुपये तक का मासिक मानदेय मिलेगा। नगर निगम, डीएम कार्यालय और आयुक्त कार्यालय में संबद्ध फेलो के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा, जिनका मानदेय 80 हजार रुपये तय किया गया है। छह वर्ष के अनुभव वाले फेलो को विभागों में एक लाख रुपये, आठ वर्ष के अनुभव वाले फेलो को विकास आयुक्त और मुख्य सचिव कार्यालय में 1.25 लाख रुपये तथा 10 वर्ष के अनुभव वाले फेलो को उपमुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय में 1.50 लाख रुपये मासिक मानदेय मिलेगा।
फेलोशिप पूरी होने पर प्रतिभागियों को आईआईएम बोधगया से ‘लोक नीति एवं सुशासन’ में पोस्ट ग्रेजुएट प्रमाण-पत्र और बिहार सरकार की ओर से कार्य अनुभव प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। योजना के लिए केवल बिहार के मूल निवासी आवेदन कर सकते हैं और आवेदक की अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है।