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21-Feb-2025 02:45 PM
By First Bihar
NSDL ने जुलाई 2023 में ही ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था, जिसे सेबी (SEBI) ने सितंबर 2023 में मंजूरी दे दी थी। DRHP के अनुसार, कंपनी के 6 मौजूदा शेयरधारक अपने कुल 5.72 करोड़ शेयर्स बेचेंगे। इनमें IDBI बैंक सबसे बड़ा हिस्सेदार है, जो 2.22 करोड़ शेयर्स बेचेगा। इसके अलावा, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) 1.80 करोड़, यूनियन बैंक 56.25 लाख, स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (SUUTI) 34.15 लाख शेयर्स बेचेगा। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और HDFC बैंक भी अपने-अपने हिस्से से 40-40 लाख शेयर्स बेचेंगे। इस इश्यू के जरिए NSDL लगभग 3 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है। यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा, जिसमें कंपनी के मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर्स बेचेंगे।
NSDL की स्थापना 1996 में हुई थी और यह देश की सबसे बड़ी डिपॉजिटरी कंपनी है। भारत में केवल दो डिपॉजिटरी कंपनियां हैं—NSDL और CDSL (सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड)। CDSL पहले से ही स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड है, और अब NSDL भी इस रास्ते पर चलने जा रही है। NSDL का IPO लंबे समय से प्रतीक्षित था, लेकिन पिछले साल अगस्त में सेबी ने इसे स्थगित कर दिया था। दरअसल, सेबी के नियमों के अनुसार, अगर कंपनी के खिलाफ कोई जांच चल रही हो या रेगुलेटरी बॉडीज द्वारा मांगी गई जानकारी में देरी हो रही हो, तो IPO को रोका जा सकता है।
NSDL का IPO निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर हो सकता है। कंपनी देश के वित्तीय बाजार में एक अहम भूमिका निभाती है और इसका मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है।